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पोलार्ड ने बल्लेबाज को शतक बनाने से रोका, बॉल से नहीं बल्कि नोबॉल से

By Mantralayanews :05-09-2017 07:35


नई दिल्ली- आईपीएल की तर्ज पर अन्य देशो ने भी प्रीमियर लीग शुरू किये है. फ़िलहाल कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) चल रहा है. सीपीएल में एक ऐसा मामला देखने को मिला जिसे सुन कर आप यकीं नहीं कर पायेंगे. वेस्टइंडीज के स्टार ऑल राउंडर कीरोन पोलार्ड ने सीपीएल में खेले गए एक मैच में तब नोबॉल डाल दी जब बल्लेबाज को अपना शतक बनाने में सिर्फ एक रन की जरुरत थी. ऐसा घृणित कार्य को देखते हुए  पोलार्ड की आलोचना हो रही है.

सीपीएल में कल दो टीमों में भिड़ंत हुए जिसमे एक टीम थी सेन्ट किड्स और दूसरी टीम बारबाडोस ट्राइडेंट्‍स. पोलार्ड की टीम बारबाडोस ट्राइडेंट्‍स ने पहले बेटिंग करते हुए 9 विकेट पर 128 रन बनाए, जिसका जबाब देने उत्तरी सेन्ट किड्स के बल्लेबाजों ने धमाकेदार बल्लेबाजी की और मात्र सात ओवर में मैच जीत लिया.

बात उस समय की है जब लुईस स्ट्राइक पर थे, माना जा रहा था कि पोलार्ड की गेंद पर बाउंड्री लगाकर टूर्नामेंट का सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड बना लेंगे. लेकिन पोलार्ड ने जानबूझकर नोबॉल कर उस 25 साल के बल्लेबाज को शतक से वंचित कर दिया. उन्होंने अपनी पारी में 11 छक्के और छह चौके लगाए और वो 99 रन पर थे तब पोलार्ड ने नोबॉल डाल दी. लुईस को और उनकी टीम को एक रन की जरुरत थी यदि वो बल्ले से एक रन बनाते तो उनका शतक भी हो जाता और टीम भी जीत जाती लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

नोबॉल के कारण ही आज से सात साल पहले सहवाग को शतक से रोका था, 2010 में वीरेंद्र सहवाग नोबॉल के कारण से शतक से वंचित रहे थे. श्रीलंका के खिलाफ दांबुला में खेले गए ट्राइंगुलर सीरीज के तीसरे मैच के दौरान सहवाग 99 रनों पर पर थे. तब टीम इंडिया को जीत के लिए 1 रन की जरूरत थी. किन्तु सूरज रणदीव ने नोबॉल फेंककर उन्हें शतक से रोक दिया था. इस घटना बाद में रणदीव ने माफी मांग ली थी. भारत ने 4 विकेट खोकर 34.3 ओवर में मैच जीत लिया था साथ ही सहवाग 100 गेंदों में 99 रन बनाकर नाबाद लौटे.
 

Source:Agency