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जाति मामले में हाईपावर कमेटी ने अमित जोगी पर दर्ज किया केस

By Mantralayanews :05-09-2017 08:00


रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इनकार करने के बाद अब उच्च स्तरीय छानबीन समिति (हाईपावर कमेटी) ने उनके बेटे अमित जोगी के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। अमित अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित मरवाही विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने कहा-मैं इसे हाईपावर कमेटी नहीं बल्कि रमनपावर कमेटी मानता हूं।

याद रहे जोगी की जाति का मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है। इस मामले में 7 सितंबर को अंतिम सुनवाई होनी है। इससे पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अमित जोगी की विधायकी रद्द करने की मांग पर भारत निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा है।

सूत्रों ने बताया कि हाईपावर कमेटी ने बिलासपुर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर केस दर्ज किया है। मामले में अमित को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। ज्ञात हो कि अजीत जोगी के मामले में हाईपावर कमेटी के निर्णय पर हाईकोर्ट ने स्टे नहीं दिया।

कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग की विशेष सहूलियतें लेने की पात्रता नहीं है। अजीत जोगी की जाति को लेकर संतकुमार नेताम ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत की थी। आयोग ने 2001 में जोगी पर कार्रवाई करने को कहा। इस पर जोगी हाईकोर्ट चले गए।

हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को जाति का निर्धारण करने, जांच करने और फैसला देने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद संतकुमार नेताम सुप्रीम कोर्ट चले गए।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2011 को फैसला दिया कि जोगी की जाति मामले का निराकरण करने के लिए हाईपावर कमेटी का गठन किया जाए। हाईपावर कमेटी के निर्णय पर अभी हाईकोर्ट का फैसला आना बाकी है। इसी बीच अजीत जोगी के बेटे अमित के खिलाफ भी जांच शुरू हो गई है।

इन मामलों के जानकार अधिवक्ता सत्येंद्र ठाकुर ने नईदुनिया से कहा-अगर पिता आदिवासी नहीं तो बेटे को आदिवासी नहीं माना जा सकता, लेकिन अगर शिकायत आती है तो हाईपावर कमेटी को अलग से मामला दर्ज करने का अधिकार है।

नोटिस आए तो जवाब देंगे

अमित जोगी ने कहा अभी उन्हें जानकारी नहीं मिली है। हाईपावर कमेटी को मामला दर्ज करने का पूरा अधिकार है। नोटिस आएगा तो जवाब देंगे। वे एकपक्षीय कार्रवाई न करें। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, निर्णय आने दें।
 

Source:Agency