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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिन्यू पॉवर कंपनी से बिजली खरीदने का मामला

By Mantralayanews :06-09-2017 08:29


भोपाल। रिन्यू पॉवर कंपनी से बिजली खरीदी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कंपनी के पक्ष में आए हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। सरकार का तर्क है कि कंपनी ने शर्त के मुताबिक समयसीमा में काम पूरा नहीं किया है। उर, अनुबं निरस्त होने का एक कारण बिजली खरीदी रेट में आई गिरावट भी बताई जा रही है।

सुमंत सिन्हा की इस कंपनी ने अशोक नगर में 51 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया है। सितंबर 2015 में हुए अनुबं की शर्त के मुताबिक सरकार को 7 सितंबर 2017 से इस कंपनी से 5.05 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदना थी। पॉवर मैनेजमेंट कंपनी (पीएमसी) का आरोप है कि रिन्यू पॉवर कंपनी ने शर्त के मुताबिक समयसीमा में काम पूरा नहीं किया।

इसलिए अगस्त में पीएमसी की बोर्ड बैठक में कंपनी से बिजली खरीदने का अनुबं निरस्त करने का निर्णय ले लिया। इसे लेकर कंपनी के एमडी मुख्यमंत्री से भी मिले थे। इस निर्णय के खिलाफ रिन्यू पॉवर कंपनी हाईकोर्ट चली गई और कंपनी का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार को बिजली खरीदने के आदेश दिए।

इस आदेश के खिलाफ पीएमसी सुप्रीम कोर्ट गई है। पीएमसी का तर्क है कि पहले तो कंपनी ने समयसीमा में काम पूरा नहीं किया और फिर हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाने से पहले उनका पक्ष भी नहीं सुना है। उल्लेखनीय है कि अशोक नगर में ढाई सौ एकड़ में फैले इस प्लांट पर कंपनी करीब 350 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।

शर्तें पूरी करने में कैसे हुई देरी

कंपनी और पीएमसी के बीच हुए करार के तहत कंपनी को जमीन सरकार को उपलब् कराना थी। सरकार ने राजगढ़ जिले में जमीन दे दी, जिस पर अतिक्रमण था। इसे हटवाने में कंपनी और जिला प्रशासन असफल रहा। तब कंपनी ने अशोक नगर में जमीन खरीदी और प्लांट का काम शुरू किया। सूत्र बताते हैं कि इस कवायद के चलते प्लांट तैयार होने में 20 दिन की देरी हो गई। पीएमसी ने इसी देरी को आार बनाकर अनुबं निरस्त कर दिया।

बिजली की क्रय दर ज्यादा होना भी बड़ा कारण

सूत्र बताते हैं कंपनी से अनुबं निरस्त करने का एक बड़ा कारण बिजली की क्रय दर ज्यादा होना भी है। दरअसल, सरकार ने कंपनी से 5.05 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का अनुबं किया था। जबकि वर्तमान में बिजली की क्रय दर 3.40 रुपए प्रति यूनिट है। यदि सरकार अनुबं की शर्त के मुताबिक बिजली खरीदती है तो उसे प्रति यूनिट एक रुपए 65 पैसे का नुकसान होता है।

शर्तों का पालन नहीं किया

सितंबर 2015 में पीएमसी ने कंपनी से बिजली खरीदने का अनुबंध किया था। शर्तों का पालन न होने के कारण अनुबं निरस्त कर दिया गया। कंपनी हाईकोर्ट से निर्णय लेकर आई थी। उसके खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं। 

- संजय शुक्ल, एमडी, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी 

मीडिया को नहीं बताएंगे

हमने तय किया है कि हम मीडिया को जरिया नहीं बनाएंगे। इसलिए मीडिया को कुछ नहीं बताना चाहते हैं। 

- पराग शर्मा, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, रिन्यू पॉवर कंपनी
 

Source:Agency