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ट्रायल में फेल हुई होवित्जर तोप, गोला दागते ही फट गया गन बैरल

By Mantralayanews :13-09-2017 07:02


अमेरिका से आई M777 अल्ट्रालाइट होवित्ज़र तोप की गुणवत्ता कितनी खरी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये तोप ट्रायल में ही फेल हो गई. सेना सूत्रों के मुताबिक, 2 सितंबर को पोकरण फायरिंग रेंज में होवित्ज़र तोप का गन बैरल ट्रायल के दौरान फट गया.  

गनीमत रही कि इस हादसे में किसी जवान को चोट नहीं आई. फिलहाल तोप का गन बैरल कैसे फटा इसे लेकर टीम जांच कर रही है. कुछ समय के लिए तोप का ट्रायल रोक दिया गया है.

गौरतलब है कि अमेरिका से हुए करार के तहत भारत को 145 M777 होवित्जर तोप मिलने वाली है. इसमें से दो तोप मई में भारत आई थीं. राजस्थान के पोकरण फायरिंग रेंज में होवित्ज़र तोप से भारतीय गोलों की क्षमता को भारतीय सेना और अमेरिकी कंपनी के अफसर परख रहे थे. इस बीच गन बैरल फट गया.

30 करोड़ की एक तोप

भारत सरकार ने अमेरिका को 145 एम 777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों का ऑर्डर दिया है. इनमें हर एक की कीमत 30 करोड़ पड़ी है. होवित्जर तोप को एक्शन में आने में केवल तीन मिनट लगते हैं और पैक करने में 2 मिनट का समय लगता है. होवित्जर में 155mm के सभी तरह गोला बारूद इस्तेमाल किए जा सकते हैं. हालांकि, अभी इसे केवल चार प्रकार के 155mm गोला बारूद से टेस्ट किया जा रहा है. इसमें एचई, स्मोक, इल्युमिनेशन और फायर शामिल हैं.

40 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को कर सकती है तबाह

11 टन की बोफोर्स तोप के मुकाबले होवित्जर बहुत हल्की है. साथ ही आकार में भी यह उसकी आधी है और लाने ले जाने में काफी सुविधाजनक है. इसे सुमद्र के जरिये भी ले जाया जा सकता है, तो हवा में भी हेलिकॉप्टर के जरिए लिफ्ट किया जा सकता है. डायरेक्ट रेंज में 4 किलोमीटर और इनडायरेक्ट रेंज में 30 से 40 किलोमीटर तक होवित्जर दुश्मन के ठिकानों को आसानी से तबाह कर सकती है.

2018 में मिलेंगी तीन और तोपें

वर्ष 2018 के सितंबर में सेना को प्रशिक्षण के लिए तीन और तोपों की आपूर्ति होगी. इसके बाद 2019 के मार्च महीने से सेना में हर महीने पांच तोपों की तैनाती शुरू हो जाएगी. वहीं, साल 2021 के मध्य में इन तोपों की आपूर्ति पूरी हो जाएगी और इसी के साथ इसकी तैनाती भी पूरी हो जाएगी.
 

Source:Agency