Breaking News

Today Click 1681

Total Click 3277177

Date 20-09-17

14 हजार करोड़ का घाटा दिखाकर बिजली के दाम बढ़ाने की तैयारी

By Mantralayanews :13-09-2017 08:56


जबलपुर। अप्रैल 2018 में बिजली कंपनी दाम बढ़ाकर जनता को बड़ा झटका देने के लिए जमीन तैयार करने में जुट गई है। मौजूदा नुकसान के आकलन में भले ही वक्त लगे, लेकिन तीन साल पुराने घाटे की भरपाई कंपनी बिजली के दाम बढ़ाकर करना चाहती है। डिमांड भी दो-चार सौ करोड़ नहीं पूरे बल्कि 14 हजार करोड़ की। कंपनी एक माह में यह प्रस्ताव आयोग के पास भेजेगी। आयोग की मंजूरी मिली तो बिजली कंपनी दाम बढ़ाकर इसे जनता से वसूलेगी।

2016 में मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने ट्रू-अप पिटीशन के जरिए करीब 9 हजार करोड़ रुपए की मांग मप्र विद्युत नियामक आयोग से की थी। कंपनी ने दावा किया कि उसे साल 2013-14 में बिजली बेचने से नुकसान हुआ। जिसकी भरपाई होनी चाहिए। कंपनी की याचिका पर दावे-आपत्ति भी लगी।

आयोग की ओर से उस पर कोई फैसला नहीं जारी हुआ। 9 हजार करोड़ रुपये के नुकसान पर फैसला आने से पहले ही कंपनी ने 2015 के नुकसान का आकलन का हिसाब-किताब तैयार कर लिया है। ये भी तकरीबन 5 हजार करोड़ रुपए है। जिसे कंपनी मप्र विद्युत नियामक आयोग के सामने याचिका के जरिए पेश करेगी।

आयोग करेगा फैसला, कितना दे कंपनी

बिजली के दाम तय करने का अधिकार मप्र विद्युत नियामक आयोग के पास है। मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी सिर्फ बिजली दर या नुकसान का आकलन आयोग के पास भेजती है। उस पर जनता से दावे-अपत्ति आयोग मांगता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग फैसला देता है। दोनों याचिका में तकरीबन 14 हजार करोड़ रुपए कंपनी डिमांड कर रही है। ऐसे में आयोग तय करेगा कि नुकसान की ये राशि एकमुश्त दी जाए या किश्तों में। खैर जो भी होगा असर सीधा प्रदेश के सवा करोड़ बिजली उपभोक्ताओं पर आना तय है।

इनका कहना है

साल 2013-14 की ट्रू-अप पिटीशन पर फैसला अभी आयोग ने नहीं दिया है। हम 2014-15 की नई पिटीशन करीब 5 हजार करोड़ की लगाने की तैयारी कर रहे हैं। एक माह के भीतर याचिका लगा दी जाएगी।

 

-एफके मेश्राम, सीजीएम टैरिफ, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी

 

 

Source:Agency