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मासूम छात्रा से स्कूल में कराई सफाई, बिच्छू के डसने से मौत

By Mantralayanews :06-11-2017 07:21


जांजगीर । शिक्षाकर्मियों की हड़ताल पर स्वीपर की लापरवाही ने तीसरी कक्षा के छात्रा की जान ले ली। शिक्षकों की अनुपस्थिति में स्वीपर द्वारा बच्चों से स्कूल परिसर की सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान छात्रा को बिच्छू काट लिया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हड़ताल के दिन सूचना के बाद भी वहां कोई शिक्षक मौजूद नहीं थे यह भी गंभीर लापरवाही है।

जैजैपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भोथीडीह जो कि विधायक केशव चंद्रा का गृहग्राम है। उसके आश्रित ग्राम शिकारीनार के शासकीय प्राइमरी में पदस्थ पंचायत संवर्ग के शिक्षक-शिक्षिका 30 अक्टूबर को हड़ताल पर गए थे। इस दिन स्कूल में यहां व्यवस्था के तहत भी कोई शिक्षक पढ़ाने नहीं पहुंचे स्वीपर जय सिंह यादव ने स्कूल खोला था और दोपहर 1 बजे उसने स्कूल परिसर में की साफ-सफाई करने के लिए बच्चों को कहा।

बच्चे उनके निर्देश पर ईंट आदि को हटा रहे थे। इसी दौरान कक्षा तीसरी की छात्रा कु.आरती यादव पिता देवारीलाल को बिच्छू ने काट लिया तब स्वीपर ने उसे साइकिल पर बैठाकर उसके घर छोड़ दिया। छात्रा के माता-पिता कमाने खाने जम्मू-कश्मीर गए थे।

उसके दादा ग्रहण यादव और दादी अमृत बाई के साथ और उसके छोटे भाई सुमित यादव रहकर सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते थे। सुमित यादव पहली कक्षा का छात्र है। आरती यादव के घर पहुंचने पर उसे परिजनों ने जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया।

यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखकर उसे बीडीएम अस्पताल चांपा भेज दिया गया। यहां से उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। 1 नवंबर को छात्रा आरती यादव की मौत हो गई। इस तरह स्वीपर और शिक्षा विभाग की लापरवाही से एक छात्रा को जान से हाथ धोना पड़ा। अगर स्कूल के सभी शिक्षक हड़ताल पर थे तो वहां नियमित शिक्षक की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

खुद सफाई नहीं करते स्वीपर

ज्यादातर स्कूलों में स्वीपर जिस कार्य के लिए नियुक्त हैं। वे कार्य भी नहीं करते। वे कभी बच्चों से यह कार्य कराते हैं या फिर शौचालयों में गंदगी पसरी रहती है। जिले में अगर सरकारी स्कूल के शौचालयों का निरीक्षण किया जाए तो ज्यादातर में गंदगी मिलेगी मगर इस दिशा में शिक्षा विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करता।

''मैं 30 नवंबर को संघ के आंदोलन के चलते अवकाश पर थी। इसकी सूचना संकुल प्रभारी को दे दी गई थी। घटना की जानकारी स्कूल आने पर मिली।'' - सीता चंद्रा, प्रधान पाठक , शासकीय प्राइमरी स्कूल शिकारीनार

''हड़ताल के दिन मध्यान्ह भोजन के बाद छुट्टी देने की बात प्रधान पाठक ने कही थी मगर छात्रा ईंट के पास कैसे गई ये वह नहीं जानता। उसके द्वारा बच्चों से सफाई कार्य नहीं कराया जा रहा था।'' - जय सिंह यादव, अंशकालीन स्वीपर, शासकीय प्राइमरी स्कूल शिकारीनार

''इस घटना की जानकारी मुझे नहीं दी गई है। शीघ्र जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।' - अवधराम लहरे, बीईओ जैजैपुर ब्लाक
 

Source:Agency