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बस्तर आने वाले नदी नालों को बांध रहा ओडिशा

By Mantralayanews :07-11-2017 06:43


जगदलपुर। ओडिशा से निकलकर बस्तर की ओर बहने और सीमा बनाने वाली नदियों इंद्रावती और सबरी के साथ ही इनकी सहायक नदियों व नालों को भी बांधकर पानी रोकने की दिशा में ओडिशा ने काम शुरू कर दिया है। इससे समूचे बस्तर में निस्तारी, सिंचाई के साथ ही उद्योगों को मिलने वाले पानी की कमी हो जाएगी। ओडिशा ने कुछ प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू कर दिया है। इससे महानदी, इंद्रावती व सबरी के जल को लेकर चल रहा विवाद भविष्य में और गहराएगा।

आवक पता करने को गेज साइट नहीं

बस्तर और ओडिशा सीमा में इंद्रावती और सबरी, दोनों में पानी की आवक मापने न तो केन्द्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने गेज साइट स्थापित किया है। सबरी नदी में भी सुकमा से पहले कोई गेज साइट बस्तर में नहीं है।

विवाद के कारण 

तेलांगिरी में रुकेगा 3 टीएमसी पानी 

तेलांगिरी नदी ओडिशा के सूतपदर (जहां इंद्रावती और जोरा नाला संगम बनाते हैं) से 26 किमी दूर अपस्ट्रीम में इंद्रावती में मिलती है। तेलांगिरी में बांध बनाकर ओडिशा 2.91 टीएमसी पानी रोककर नवरंगपुर में सिंचाई सुविधा बनाने की दिशा में प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

नवरंगपुर सिंचाई परियोजना

इंद्रावती पर खातीगुड़ा बांध से नई नहर निकालकर ओडिशा की नवरंगपुर सिंचाई परियोजना पर भी काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट से 5 टीएमसी पानी लेकर नवरंगपुर व कोरापुट के 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा देगा।

भस्केल में बनाएगा बैराज

इंद्रावती की सहायक भस्केल में भी बैराज बनाने की योजना है। कोसागुमड़ा के डाउनस्ट्रीम में बैराज बना 10 हजार हेक्टेयर में पानी ले जाने की योजना है।

केराजोड़ी में बनाएगा बांध 

ओडिशा बस्तर सीमा पर तिरिया के समीप सबरी में बैराज बनाकर यहां का पानी नहर के जरिए पहले केराजोड़ी बांध तक पहुंचाया जाएगा।

- ओडिशा से आने वाली नदियों से जुड़े सारे मामले विभाग के संज्ञान में हैं। रिपोर्ट छत्तीसगढ़ शासन को भेजी जा रही है। बस्तर के हितों को प्रभावित नहीं होने देंगे। - पीके राजपूत, ईई, सिंचाई विभाग, जगदलपुर संभाग
 

Source:Agency