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मां ने किडनी दी बेटा फिर भी नहीं बचा, अब बहू ने भी ठुकराया

By Mantralayanews :14-11-2017 08:21


भोपाल। बेटे की जिंदगी बचाने के लिए मां ने अपनी एक किडनी दे दी, लेकिन बेटे की मौत हो गई। बहू को सास का यह उपकार याद नहीं रहा। पति की मौत के बाद उसने सास और ससुर दोनों से किनारा कर लिया। बहू ने पति का बिजनेस संभालने के साथ-साथ मंडीदीप में उच्च पद पर जॉब भी शुरू कर दी।

इधर, छोटा बेटा भी अपने मां-बाप को भूल गया। दोनों से भरण पोषण दिलाया जाएं ताकि जीवन निर्वहण आसानी से हो सके। यह बात एसडीएम गोविंदपुरा मुकुल गुप्ता के सामने दोनों बुजुर्ग सुशीला बाई (60) व कमल सिंह (65) ने की। गुप्ता ने प्रकरण दर्ज कर मामले की सुनवाई करने के लिए बहू व छोटे बेटे को नोटिस भेज दिया।

आचार्य नरेंद्र देव नगर झंडा चौक, गोविंदपुरा निवासी कमल सिंह ने अपने आवेदन में बताया कि वह स्वयं हार्ट पेशेंट हैं और पत्नी बीमार रहती है। सुशीला ने पांच साल पहले बेटे का जीवन बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी थी। बेटा जब तक जीवित था तब तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बेटे की मृत्यु के बाद से घर की पूरी कहानी ही बदल गई।

बहू ने पति का व्यापार संभाला और खुद भी उच्च पद पर नौकरी करने लगी। दोनों जगह से बहू को अच्छा पैसा मिलता है। छोटा बेटा कमल कपड़े का धंधा करता है। उसे भी अच्छी आमदनी होती है। दोनों ने अलग-अलग मकान भी खरीद रखे हैं और उसका किराया भी लेते हैं, लेकिन हम बुजुर्ग मां-बाप की फिक्र दोनों को नही है। घर खर्च तक के पैसे नहीं मिलते। हम दोनों बुजुर्ग हो चुके हैं, ऐसे में मेहनत मजदूरी कर पाना मुश्किल है। यह मजबूरी बताते हुए जब भी बेटे-बहू से खर्च के लिए रुपए मांगते हैं तो दोनों मना कर देते हैं।
 

Source:Agency