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गांधी-सैम पित्रोदा आर्थिक विकास मॉडल

By Mantralayanews :05-12-2017 07:00


सैम पित्रोदा की सलाह पर सरकार ने पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, तिलहन, दूर संचार एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मिशन स्थापित करके  विकास कार्य  प्रारंभ किया । राजीव गांधी - सैम पित्रोदा का मिशन मोड एप्रोच इतना अधिक लोकप्रिय हुआ है कि कांग्रेस और गांधी परिवार के कटु आलोचक वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक दर्जन से अधिक स्कीमों एवं संचालन अभिकरणों के साथ मिशन जुड़ा हुआ है।  भारत में जापान के सहयोग से ईंधन बचत करने वाले वाहनों के उत्पादन की शुरूआत, जापान के समान ही बड़े उद्योगों से सहायक उद्योगों को जोड़ने की उत्पादन प्रक्रिया के अंर्तगत हजारों एंसलरी उद्योगों की स्थापना की पहल, सेवा प्रतिष्ठानों एवं सरकारी विभागों में कम्प्यूटरीकरण आदि अन्य योगदान हैं । राजीव गाांधी- सैम पित्रोदा की ये विकास पहले वर्तमान डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया की बुनियाद बन गई है।

कांंग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अनुरोध पर  भारतीय सूचना क्रांति के जनक माने जाने वाले सैम पित्रोदा 9 से 15 नवंबर तक एक सप्ताह के लिए गुजरात प्रवास पर थे। राहुल गांधी ने उनको गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के  चुनावी घोषणापत्र बनाने में मधुसूदन मिस्त्री और दीपक बाबरिया को सहयोग के लिए आमंत्रित किया था। सैम पित्रोदा ने चुनावी घोषणापत्र को जनोन्मुखी बनाने के लिए अहमदाबाद, बडोदरा, राजकोट, भावनगर तथा सूरत इन पांच प्रमुख नगरों में जाकर वहां के विभिन्न वर्गों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं एवं अपेक्षाओं के बारे में बातचीत की। गुजरात प्रवास के अंतिम दिन 15 नवंबर को उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि जनचर्चा में लोगों ने बताया कि निजीकरण के कारण निजी शिक्षण संस्थानों में भारी फीस, शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी रोजगार न मिल पाना, आम जनता के लिए आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं में कमी आदि गुजरात की आम जनता की प्रमुख समस्याएं हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र जनोन्मुखी होगा जो प्रमुख रूप से छात्रों, छोटे व्यवसायियों, किसानों तथा महिलाओं पर केन्द्रित होगा।

गांधी परिवार से सैम पित्रोदा की नजदीकी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गंाधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 1984 से प्रारंभ हुई। भारत आकर अपनी सेवाएं देने के प्रधानमंत्री राजीव गंाधी के आमंत्रण को स्वीकार कर सैम पित्रोदा भारत आए। उन्होंने दूरसंचार के क्षेत्र में स्वायत्त रूप से अनुसंधान और विकास के लिए सी-डॉट अर्थात सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स की स्थापना की। प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उनके भारत में सूचना क्रांति के क्षेत्र में उनके योगदान से सभी प्रबुद्धजन परिचित हैं किन्तु उनके अन्य योगदान अनदेखे रह गए इसलिए कि राजीव गांधी 1989 तक ही प्रधानमंत्री रहे तथा उनके योगदान की बजाय बोफोर्स का पुछल्ला जोड़कर उनकी छवि धूमिल की    गई। मेरी नजर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान के समान ही आर्थिक विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रशासन में मिशन एप्रोच अपनाने की शुरूआत करना भी महत्वपूर्ण योगदान था। सैम पित्रोदा की सलाह पर सरकार ने पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, तिलहन, दूर संचार एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मिशन स्थापित करके विकास कार्य प्रारंभ किया। राजीव गांधी-सैम पित्रोदा का मिशन मोड एप्रोच इतना अधिक लोकप्रिय हुआ है कि कांग्रेस और गांधी परिवार के कटु आलोचक वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक दर्जन से अधिक स्कीमों एवं संचालन अभिकरणों के साथ मिशन जुड़ा हुआ है। भारत में जापान के सहयोग से ईंधन बचत करने वाले वाहनों के उत्पादन की शुरूआत, जापान के समान ही बड़े उद्योगों से सहायक उद्योगों को जोड़ने की उत्पादन प्रक्रिया के अंतर्गत हजारों एंसलरी उद्योगों की स्थापना की पहल, सेवा प्रतिष्ठानों एवं सरकारी विभागों में कम्प्यूटरीकरण आदि अन्य योगदान हैं। राजीव गांधी- सैम पित्रोदा की ये विकास पहलें वर्तमान डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया की बुनियाद बन गई है।

गांधी परिवार से इसी नजदीकी के कारण ही सैम पित्रोदा कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें जून 2017 में समुद्रपारीय कांग्रेस का अध्यक्ष मनोनीत किया। कांग्रेस पार्टी में अपने इस नए दायित्व का निर्वहन करते हुए सैम पित्रोदा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सितंबर 2017 माह में अमेरिका स्थित कुछ विश्वविद्यालयों एवं प्रवासी भारतीयों के साथ संबोधन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अमेरिका में प्रवासी गुजरातियों के बीच सैम पित्रोदा की लोकप्रियता को देखकर राहुल गांधी ने उन्हें गुजरात विधान सभा चुनाव अभियान में जोड़ने हेतु नवंबर माह में एक सप्ताह के लिए आमंत्रित किया। सैम पित्रोदा ने उनको सौंपे गए दायित्वों का निर्वाह करते हुए पांच नगरों में प्रवास कर वहां के विभिन्न वर्गों से चर्चा करके चुनावी घोषणापत्र तैयार किया है। सैम पित्रोदा का कहना है कि कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र सही मायनों में गुजरात का जनघोषणापत्र होगा जिसमें प्रमुखत: शिक्षा, स्वास्थ्य, लघु एवं मध्यम उद्यम, रोजगार सृजन एवं पर्यावरण संरक्षण पर फोकस होगा।

 
सैम पित्रोदा का कहना है कि प्रधानमंत्री का बहु प्रचारित गुजरात विकास मॉडल पश्चिमी विकास मॉडलों के समान ही ऊपर से नीचे मॉडल है जिसमें जीडीपी, संयंत्र, बन्दरगाह, सड़क आदि  विकास पर केन्द्रित होता है उसका लाभ उच्च आमदनी वाले वर्ग के कुछ लोगों को ही मिल पाता है। उनके द्वारा बनाए गए कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र नीचे से ऊपर विकास पर केन्द्रित है जो आम जनता खासकर ग्रामीण जनता के शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार सृजन की जरूरतों को पूरी करेगा। यह  विकास मॉडल, महात्मा गांधी की विकास की अवधारणा पर आधारित होगा। सैम पित्रोदा का कहना है कि गुजरात में कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने पर सबके आर्थिक विकास के लिए महात्मा गांधी के समग्र ग्रामीण विकास पर केन्द्रित विकास मॉडल में सूचना प्रौद्योगिकी को हर स्तर पर जोड़कर नवप्रवर्तित गांधी विकास मॉडल को अपनाएगी। इसका पहला प्रयोग गुजरात में सफल होने के बाद केन्द्र में सत्ता में आने पर गुजरात का प्रयोग पूरे भारत में अपनाएगी। सैम पित्रोदा के इस विकास मॉडल को महात्मा गंाधी से जोड़ने की बजाय राहुल गांधी-सैम पित्रोदा विकास मॉडल कहना अधिक उपयुक्त होगा इसको इसी नाम से नरेन्द्र मोदी के तथाकथित गुजरात मॉडल के मुकाबले प्रचारित करना अधिक उपयुक्त होगा।

सैम पित्रोदा के गुजरात दौरे के बाद उनकी  कांग्रेसी नेताओं से बातचीत के बाद एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने अपना नाम न छापने का अनुरोध करते हुए एक लोकप्रिय पत्रिका को बताया कि गुजरात के अनेक कांग्रेसी नेताओं की राय में 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के मुकाबले सैम पित्रोदा कांग्रेस  के प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं। यदि गुजरात विधानसभा चुनाव में आम मतदाताओं के बीच जो अंडर करेट चल रहा है कि गुजराती प्रधानमंत्री को 2019 के लोकसभा चुनाव में जिताने के लिए विधानसभा चुनाव में भाजपा का उम्मीदवार कोई भी हो भाजपा के कमल को ही मतदान करके जिताना है। ऐसी स्थिति में पाटीदार और दलित वर्ग के कांग्रेस के समर्थन के बावजूद भाजपा के लिए 180 सीटों में से 100 सीटें जीतना कठिन काम नहीं होगा।

मेरी समझ में कांग्रेस को सचमुच ही जीतने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना है तो कांग्रेस आला कमान को अतिशीघ्र सैम पित्रोदा को प्रधानमंत्री पद घोषित करते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व में गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लेना होगा। इसके साथ ही नरेन्द्र मोदी के गुजरात मॉडल के मुकाबले सैम पित्रोदा द्वारा विकसित आर्थिक विकास मॉडल को राहुल गांधी-सैम पित्रोदा विकास मॉडल प्रचारित करना भी जीत की संभावनाओं को बढ़ाने में मददगार होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात सैम पित्रोदा ने गुजरात दौरे के समय अपनी जाति विश्वकर्मा बताई है तथा अपने आप को गंगाराम बढ़ई का बेटा बताया है। चायवाले प्रधानमंत्री के मुकाबले पिछड़ा वर्ग से संबंधित गुजराती बढ़ई का दूरसंचार कारीगर बेटे के रूप सैम पित्रोदा का प्रचार  चुनाव अभियान चलाने पर  कांग्रेस के गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने की संभावना बनती है। यही प्रचार 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने में भी मददगार हो सकता है।
 

Source:Agency