Breaking News

Today Click 266

Total Click 3446529

Date 11-12-17

बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले पुलिसकर्मियों के लाइसेंस होंगे निलंबित

By Mantralayanews :07-12-2017 07:25


भोपाल। बगैर हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब गाज गिर सकती है। पुलिस मुख्यालय ने ऐसे पुलिसकर्मियों की तस्वीरों को वॉट्सएप पर मंगाने का फैसला लिया है। इसके बाद इन पुलिसकर्मियों के ड्रायविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे।

वर्तमान में पुलिस आम वाहन चालकों पर बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के चालानी कार्रवाई करती है। इस दौरान पुलिसकर्मियों के वाहनों को छोड़ दिया जाता है, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगते हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस ट्रैफिक शोध संस्थान (पीटीआरआई) की तरफ से सभी आईजी, डीआईजी, एसपी को एक परिपत्र जारी किया गया है। इसमें डीआईजी पीटीआरआई का वॉट्सएप नंबर 70491-00983 दिया गया है।

इसमें बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने वालों की तस्वीरें मंगाई जा रही हैं। हालांकि पीएचक्यू ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस वॉट्सअप नंबर पर आम व्यक्ति भी तस्वीर पोस्ट कर सकेगा या नहीं। परिपत्र में केवल जिलों के एसपी और थाना प्रभारियों को निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

एक तिहाई दुर्घटनाएं दो पहिया-चार पहिया की

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में एक तिहाई रोड एक्सीडेंट दो पहिया और चार पहिया गाड़ियों के होते हैं, लेकिन इनमें मरने वालों की संख्या 45 फीसदी से ज्यादा रहती है। 2015 के सड़क दुर्घटना के आंकडों को देखें तो मध्यप्रदेश देश में रोड एक्सीडेंट के मामले में तीसरे स्थान पर, जबकि इनमें मरने वालों की संख्या में देश में छठवें नंबर था।

प्रदेश में 2015 में 54 हजार 947 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से दो पहिया गाड़ियों से 19 हजार 968 और चार पहिया वाहनों से 11 हजार 558 हुए। उसी साल सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 9 हजार 314 दो पहिया सवार व पीछे बैठने वाले 3 हजार 172 और चार पहिया गाड़ियों के 1 हजार 210 लोग शामिल हैं।

तस्वीरें भेजने को कहा है

सभी जिलों की इकाइयों को कहा गया है कि वॉट्सएप मोबाइल नंबर पर बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने वाले पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भेजें। ऐसे पुलिसकर्मियों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे।

- विजय कटारिया, एडीजी पीटीआरआई
 

Source:Agency