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छग कांग्रेस में फिर लागू हो सकता है कार्यकारी अध्यक्ष का फॉर्मूला

By Mantralayanews :03-01-2018 07:32


रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फिर से दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है। हाईकमान ने ऐसा किया तो इसके दो कारण होंगे। पहला तो विधानसभा चुनाव के समय बड़े नेताओं के बीच तालमेल बिठाने और दूसरा, जातीय समीकरण को साधने की कोशिश रहेगी।

झीरम घाटी कांड के बाद कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे। उसके बाद इस परंपरा पर ब्रेक लग गया था। सभी राज्यों में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और प्रदेश प्रतिनिधियों की घोषणा होनी है।

राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अब जल्द नियुक्तियों की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर नई कार्यकारिणी बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस कारण प्रदेश कमेटियों में भी बदलाव होना तय माना जा रहा है।

वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल हैं, जो कि पिछड़ा वर्ग के नेता हैं। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के बयानों के आधार पर यह माना जाए कि विधानसभा चुनाव बघेल के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा तो दूसरे जाति वर्ग के नेताओं को भी संतुष्ट करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दो जाति वर्ग साधा जाएगा। पार्टी में इस बात की चर्चा है कि कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर एक सामान्य वर्ग और एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के नेता की नियुक्ति की जाएगी।

सामान्य वर्ग में रविंद्र चौबे व सत्यनारायण शर्मा के नाम की चर्चा चल रही है। दूसरा कार्यकारी अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग से लिया गया तो कवासी लखमा या देवती कर्मा का नाम तय हो सकता है और यदि अनुसूचित जाति वर्ग से लिया जाता है तो डॉ. शिव डहरिया या पूर्व सांसद पीआर खूटें का नाम आ सकता है।

कार्यकारी अध्यक्ष का समीकरण प्रदेश अध्यक्ष के जाति वर्ग पर निर्भर करेगा। पहले भी रहे कार्यकारी अध्यक्ष: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में इसके पहले भी कार्यकारी अध्यक्ष रहे हैं। जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू थे, तब कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा थे।
 

Source:Agency