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जम्मू पुलिस को अलगाववादियों के मददगार का मिला ट्रांजिट रिमांड

By Mantralayanews :05-01-2018 07:35


बिलासपुर। जम्मू पुलिस को आईएसआई नेटवर्क से जुड़कर एलओसी ट्रेडर्स की आड़ में हुर्रियत व अलगाववादी संगठनों की मदद करने वाले आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की अनुमति कोर्ट से मिल गई है। लिहाजा, टीम सुरक्षा के बीच आरोपी को अपने साथ लेकर जाएगी।

बीते 25 दिसंबर को जम्मू के बारामूला जिले की पुलिस बिलासपुर के सिविल लाइन थाने पहुंची थी। यहां डीएसपी व थाना प्रभारी नसर सिद्दीकी से चर्चा की। फिर उन्होंने पीर अरशद को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की जानकारी दी। इस बीच उन्होंने 26 दिसंबर को कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी लगाई।

लेकिन, शीतकालीन अवकाश में स्पेशल कोर्ट नहीं होने से पुलिस अफसरों को अवकाश के बाद बुलाया गया। लिहाजा, गुस्र्वार को जम्मू पुलिस की टीम फिर से कोर्ट पहुंची। इस दौरान उन्होंने अपने आवेदन पर सुनवाई करने का आग्रह किया।

गुस्र्वार की देर शाम कोर्ट ने आरोपी पीर अरशद का ट्रांजिट रिमांड स्वीकार कर लिया है। उम्मीद है कि शुक्रवार को आर्डर की कॉपी लेकर उसे सेंट्रल जेल से निकालकर जम्मू ले जाया जा सकता है। मालूम हो कि बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने यहां पूर्व में आईएसआई नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसमें संजय देवांगन के साथ ही धर्मेंद्र यादव, मनेंद्र यादव समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में जम्मू-कश्मीर जेल में बंद सतविंदर सिंह के साथ ही सतना के सरगना रज्जन तिवारी व दिल्ली के ट्रांसपोर्टर अब्दुल जब्बार को भी गिरफ्तार किया गया था। आईएसआई नेटवर्क से आरोपी संजय देवांगन के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़े थे, लिहाजा जम्मू-कश्मीर पुलिस उसकी तलाश में थी।

जम्मू पुलिस उसे पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर ले गई थी। इस बीच पता चला कि जम्मू के बारामूला निवासी पीर अरशद उर्फ आसु को भी बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने ही गिरफ्तार किया है। जबकि उसकी तलाश एनआईए के साथ ही जम्मू पुलिस को भी थी।

इस गंभीर व सनसनीखेज मामले की जांच में उलझी सिविल लाइन पुलिस व साइबर सेल की टीम को खबर मिली थी कि पीर अरशद एलओसी ट्रेडर्स की आड़ में आईएसआई नेटवर्क से जुड़ा है। अब्दुल जब्बार दिल्ली में कपड़ा व्यवसाय कर पाकिस्तान माल भेजता था। एलओसी ट्रेडर्स के माध्यम से नजीर एंड कंपनी व आबिद ट्रेडर्स के लेटरपैड से जब्बार बारामूला निवासी पीर अरशद को माल व रकम भेजता था।

यहां से वस्तु विनिमय की आड़ में हुर्रियत व अलगाववादी संगठनों के साथ ही पत्थरबाजों को आर्थिक मदद की जाती रही। जांच में पीर अरश्ाद के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जाने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। तभी उसके दिल्ली के एक होटल में छिपे होने की खबर मिली, लिहाजा यहां की पुिलस ने दिल्ली के होटल में दबिश देकर उसे पकड़ लिया था। अब पीर अरशद बिलासपुर के केंद्रीय जेल में बंद है।
 

Source:Agency