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दूरसंचार आयोग भी स्पेक्ट्रम रखने की सीमा बढ़ाने के पक्ष में

By Mantralayanews :10-01-2018 07:17


नई दिल्ली । दूरसंचार आयोग ने मोबाइल ऑपरेटरों के लिए निर्धारित स्पेक्ट्रम होल्डिंग सीमा को बढ़ाने के ट्राई के सुझाव का समर्थन किया है। आयोग का कहना है कि ऐसा होने से संकट की स्थिति में टेलीकॉम कंपनियों के लिए कारोबार से हटना आसान होगा।

ट्राई ने पिछले महीने मोबाइल ऑपरेटरों के लिए किसी एक स्पेक्ट्रम की अधिकतम सीमा को समाप्त करने तथा संयुक्त स्पेक्ट्रम सीमा को बढ़ाकर पचास फीसद करने का सुझाव दिया था। मौजदा नियमों के तहत कोई एक मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर किसी एक सर्विस एरिया में एक फ्रीक्वेंसी के तहत अधिकतम 50 फीसद स्पेक्ट्रम रख सकता है। जबकि कई प्रकार की फ्रीक्वेंसी वाले संयुक्त स्पेक्ट्रम रखने की सीमा 25 फीसद है। अधिक मात्रा में स्पेक्ट्रम रखने की अनुमति होने से कंपनियां कारोबार से हटने की सूरत में दूसरी कंपनियों के लिए ज्यादा आकर्षक होंगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दूरसंचार विभाग अंतरमंत्रलयी समूह की सिफारिशों के आधार पर दूरसंचार आयोग द्वारा सुझाए गए राहत पैकेज को इसी सप्ताह मंजूरी के लिए कैबिनेट भेजेगा। अंतरमंत्रलयी समूह की सिफारिशों के आधार पर दूरसंचार आयोग ने ऑपरेटरों द्वारा नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम की कीमत अदा करने की समय सीमा को मौजूदा दस वर्ष से बढ़ाकर 16 वर्ष करने की स्वीकृति दी है। आयोग ने ऑपरेटरों द्वारा जुर्माने पर देय ब्याज की दर में भी लगभग दो फीसद की कमी करने की मंजूरी दी है। आयोग ने नेटवर्क फॉर स्पेक्ट्रम प्रोजेक्ट की लागत को 11,330 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 24,664 करोड़ रुपये करने की हामी भी भरी है।
 

Source:Agency