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एपल के CEO ने सालभर पहले मोदी से की थी ये मांग, सरकार ने अब की पूरी

By Mantralayanews :11-01-2018 07:37


केंद्र सरकार ने आम बजट से पहले बुधवार को सिंगल ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी है. यह मंजूरी ऑटोमैटिक रूट से निवेश को दी गई है. एपल समेत कई विदेश कंपनियों ने 5 साल पहले भी सिंगल ब्रांड रिटेल में सौ फीसद FDI की मांग सरकार से की थी लेकिन उस वक्त इसे खारिज कर दिया था.   

मौजूद फैसले के बाद विदेशी कंपनियों को इन दोनों क्षेत्रों में निवेश के लिए केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक से निवेश से पहले अप्रूवल नहीं लेना पड़ेगा. इस फैसले का सीधा फायदा भारत में निवेश करने वाली विदेश कंपनियों को होगा. पिछले साल जब एपल के सीईओ टिप कुक भारत आए थे तब उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से एपल के उत्पादों की भारत में रिटेल ट्रेडिंग पर चर्चा भी की थी.  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई है. हालांकि इससे पहले भी इस क्षेत्र में 100 फीसद एफडीआई की अनुमति थी लेकिन तब इसके लिये पहले मंजूरी लेने की शर्त रखी गई थी. एफडीआई नीति में किये गये ताजा संशोधन का मकसद नीति को अधिक उदार और सरल बनाना है. इससे देश में कारोबार सुगमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी.

स्वीडन की कंपनी आइकिया ने भी 2013 में मांग रखी थी कि विदेशी खुदरा विक्रेता कंपनियों को बढ़ावा दिया जाए. अब नए नियम में ग्लोबल सप्लाई के लिए भारत से कंपोनेंट खरीदने पर घरेलू बाजार के लिए लोकल सोर्सिंग पर छूट मिलेगी जो कि 1 अप्रैल से लागू होगा.

सरकार के फैसले से एपल, ओप्पो समेत चीन की कई मोबाइल कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है. इस फैसले के बाद ये बड़ी कंपनियां भारत में अपने स्टोर बनाकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ सकेंगी. साथ ही भारत में अपने बाजार का और विस्तार करने में सक्षम होंगी. बता दें कि एपल जैसी कंपनी की सफलता के पीछे भारत का बाजार काफी मायने रखता है.

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘नीति में किये गये बदलाव से देश में एफडीआई प्रवाह बढ़ेगा परिणामस्वरूप निवेश, आय में वृद्धि होगी साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.’ सरकार ने सार्वजिनक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में विदेशी एयरलाइन कंपनियों को पहले अनुमति लेने की शर्त पर 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है.
 

Source:Agency