Breaking News

Today Click 1767

Total Click 3735530

Date 21-07-18

पीएनबी स्‍कैम के बाद आरबीआइ की सख्‍ती,बैंकों से मांगा एलओयू का ब्‍योरा

By Mantralayanews :10-03-2018 07:08


रिजर्व बैंक ने बैंकों से 2011 तक की सभी बैंक गारंटी (एलओयू) का ब्योरा देने को कहा है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 12,700 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। पीएनबी में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के जरिये इस घोटाले को अंजाम दिया गया था।

आरबीआई ने पत्र लिख बैंकों से मांगे डिटेल्‍स

सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते बैंकों को लिखे पत्र में रिजर्व बैंक ने सभी एलओयू और बकाया राशि की जानकारी मांगी है। कोई भी खामी पाए जाने पर पूरी व्यवस्था को जांचा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि बकाया राशि को बही खाते में सही तरह से दर्ज किया गया है या नहीं। निवेशक स्थानीय बैंकों से एलओयू लेकर विदेशी शाखाओं से सस्ता कर्ज हासिल करते हैं। इस तरह के लेनदेन के लिए स्विफ्ट प्रणाली का इस्तेमाल होता है।

पीएनबी में घोटाला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ने 30 अप्रैल तक स्विफ्ट प्रणाली को कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से अनिवार्य रूप से जोड़ने का निर्देश भी बैंकों को दिया है। बैंक का कहना है कि कुछ अधिकारियों ने स्विफ्ट प्रणाली से भेजे गए संदेशों को सीबीएस में दर्ज करने की अनिवार्यता नहीं होने का गलत लाभ उठाया। उन्होंने फर्जी तरीके से एलओयू जारी किए और सीबीएस में दर्ज नहीं करते हुए उस धांधली को पकड़ में नहीं आने दिया।

जानें स्‍विफ्ट प्रणाली...

स्‍विफ्ट वर्ल्‍डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्‍युनिकेशन कोड का एक संक्षिप्‍त रूप है। यह वित्‍तीय और गैर वित्‍तीय संस्‍थानों के लिए एक विशेष प्रकार का पहचान कोड होता है। इस कोड के द्वारा बैंकों के बीच पैसे का ट्रांसफर, मैसेज ट्रांसफर और एक बैंक से दूसरे बैंक को मैसेज का आदान-प्रदान अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर होता है स्‍विफ्ट कोड और बीआईइसी कोड मूल रूनप से एक ही हैं।

चार्टर्ड अकाउंटेट्स की सर्वोच्च संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएआइ) को पीएनबी में हुए घोटाले के संदर्भ में बैंक से जानकारी मिलने का इंतजार है। इस घोटाले में ऑडिटरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आइसीएआइ ने पीएनबी से जानकारी मांगी है, ताकि इस मामले में व्यवस्थागत खामियों को समझा जा सके। संस्थान ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में किसी ऑडिटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
 

Source:Agency