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सरकारी एजेंसियां कर रही नियमों का उल्लंघन,नही लेती कंप्लीशन सर्टिफिकेट

By Mantralayanews :10-03-2018 07:49


 भोपाल। प्रदेश में रियल एस्टेट निर्माण से जुड़ी शासकीय एजेंसियां नगरीय निकायों से कंप्लीशन सर्टिफिकेट ही नहीं लेती, जबकि निगमों में छूट का कोई प्रावधान नहीं है। भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए), हाउसिंग बोर्ड, इंदौर विकास प्राधिकरण, जबलपुर और ग्वालियर विकास प्राधिकरण के 89 प्रतिशत खरीदारों को समय पर प्रॉपर्टी का पजेशन नहीं मिल पा रहा। रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में इस संबंध सैंकड़ों शिकायतें पहुंच रही हैं। इसके चलते रेरा ने नगरीय विकास एवं आवास को पत्र लिखकर नियमों के पालन और पारदर्शिता बरतने का सुझाव दिया है।

रेरा ने पत्र में यह लिखा

निर्माण एजेंसी सरकारी हो या प्राइवेट सभी को कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। कार्य के निर्माण के पूर्व निर्माणकर्ता को संबंधित नगर पालिक या निगम से निर्माण अनुमति लेनी होती है। जब निर्माण कार्य पूरा हो जाता है तब उसी नगरीय निकाय से पूर्णता प्रमाण पत्र लिया जाता है। इस प्रकिया में विकास प्राधिकरणों और हाउसिंग बोर्ड जैसी सभी शासकीय विभागों के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं है। रेरा की सुनवाई में यह खुलासा हुआ कि किसी भी सरकारी एजेंसी ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया।

यह दिया सुझाव

रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पूर्ण करने की अवधि प्रोजेक्ट के आकार (साइज) पर आधारित हो। इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए औसतन 2 से 5 साल का समय तय होना जरूरी है। यही नहीं प्लॉट प्रोजेक्ट के लिए भी कंप्लीशन के नियम अलग-अलग होना चाहिए। रेरा ने यह भी सुझाव दिया कि सैद्धांतिक रूप से यदि सहमति दी जाए तो रेरा विस्तृत प्रारूप बनाने को तैयार है। यह प्रारूप सभी नगर पालिकाओं और नगर निगम मे लागू किया जा सकता है।

पहले भी रेरा ने लिया था एक्शन 

राजधानी के जफीर उद्दीन शेख ने रेरा में बीडीए के खिलाफ शिकायत की थी। शेख ने जून 2015 में महालक्ष्मी परिसर में 3 बीएचके फ्लैट खरीदा दो साल तक किस्त चुकाने के बाद उन्हें बीडीए से एक पत्र मिला, जिसमें किस्त नहीं चुकाने का आग्रह किया गया। यह भी कहा गया कि प्रोजेक्ट पूरा होने पर उन्हें अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बीडीए की शिकायत रेरा में की और जल्द प्रोजेक्ट पूरा करने या ब्याज समेत राशि वापस करने की मांग की। अपने फैसले में रेरा ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसियों को पजेशन और प्रोजेक्ट की अंतिम तिथि देनी होगी।
 
 

Source:Agency