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Date 23-01-18

अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी ली सुध, गांव-गांव खोजेंगे कुष्ठ रोगी

By Mantralayanews :13-01-2018 07:31


बिलासपुर। हाथों में संकट होने के कारण आधार कार्ड के लिए पहचान न दे पाने वाले तमाम कुष्ठ पीड़ितों को अब राज्य सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुलने लगा है। छत्तीसगढ़ शासन ने जिला कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम विभाग को नए सिरे से कुष्ठ रोगियों की पहचान करने के लिए सर्वे शुरू करने का निर्देश दे दिया है।

ज्ञात हो कि नईदुनिया ने 13 दिसंबर को 'आधार बिना अपने ही देश में बेगाने हुए लाखों कुष्ठ रोगी, नहीं मिल रही सुविधाएं" शीर्षक से इस आशय की खबर प्रकाशित की थी। इसमें बगैर आधार नंबर के कुष्ठ रोगियों को केंद्र व राज्य शासन की किसी भी योजना का लाभ न मिलने का खुलासा किया गया था। 16 दिसंबर को केंद्र सरकार ने कदम उठाते हुए ऐसे लोगों को बिना आधार नंबर योजना का लाभ देने का निर्देश जारी किया था, अब राज्य सरकार ने भी इस दिशा में बड़ी पहल की है।

राज्य शासन ने एक बार फिर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कुष्ठ रोगियों को खोजने का अभियान चलाने के निर्देश कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम विभाग को दिए हैं। इसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विशेषज्ञों की टीम बनाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। प्रथम चरण में शहरी क्षेत्रों को फोकस किया गया है। मासांत तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बनाकर रोगियों की पहचान करना प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए डोर-टू-डोर संपर्क किया जाएगा, इससे संबंधित जरूरी लक्षणों के बारे में पूछा जाएगा और लोगों को इसकी जानकारी भी दी जाएगी। शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्रामीण इलाकों में अभियान की शुरुआत की जाएगी।

एक जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में तकरीबन तीन महीने तक खोजबीन की जाएगी। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे के दौरान मलिन बस्तियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। कुष्ठ नियंत्रण में लापरवाही की खबर नईदुनिया में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश में एक बार फिर कुष्ठरोगियों की तलाश करने अभियान चलाने का फरमान जारी किया है ।

यह बना आधार

अंगूठे और अंगुलियों के अभाव में नयापारा सिरगिट्टी के 600 लोग आधार कार्ड नहीं बनवा पा रहे थे। इससे उन्हें विभिन्न् योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था । नईदुनिया ने इन पीड़ितों को पहचान दिलाने के लिए खबर प्रकाशित की थी । इसी खबर के बाद केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

पिछली बार मिले थे 527 कुष्ठ रोगी

कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पिछली बार हुए सर्वे में शहरी क्षेत्र में 527 कुष्ठ रोगी मिले थे। इनका उपचार किया जा रहा है। इसी तरह जिला स्तर पर 10 हजार से ज्याद कुष्ठ रोगी मिले हैं। अब नए सर्वे से वर्तमान संख्या स्पष्ट हो पाएगी।

दूसरे चरण में ग्रामीण अंचल

दूसरे चरण के सर्वे में ग्रामीण क्षेत्र में कुष्ठ रोगियों को खोजा जाएगा। संभवत: यह सर्वे मार्च से शुरू होगा। दोनों चरण के आंकड़े मिलने के बाद उपचार की व्यवस्था होगी।

इनका कहना है

कुष्ठ रोगियों को खोजने का अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर रोगी खोजे जाएंगे, समस्या समाधान करेंगे। 

-डॉ. गायत्री बांधी, बिलासपुर जिला प्रभारी, जिला कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम

अब हर हाल में कुष्ठ रोग को मिटाना है, पीड़ितों को राहत देनी है। सभी जिलों में इस हेतु अभियान चलाना है। ज्यादा प्रभावित रायपुर, बिलासपुर, महासमुंद व रायगढ़ में यह अभियान शुरू भी कर दिया गया है।
 

Source:Agency