Breaking News

Today Click 1015

Total Click 3795952

Date 20-08-18

माइक्रोहाइड्रो टरबाइन प्रोजेक्ट पर सरकार आई आगे

By Mantralayanews :29-03-2018 07:18


जगदलपुर। जर्मन सरकार द्वारा दिया करोड़ों का ऑफर ठुकरा देश के अंधियारे गांवों को रोशन करने की चाह में छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे युवा वैज्ञानिक को मायूस नहीं होना पड़ेगा। युवा वैज्ञानिक पुनीत सिंह की प्रेरक कहानी 28 मार्च को  प्रकाशित हुई थी।

जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने संज्ञान लेते हुए पुनीत के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। युवा वैज्ञानिक पुनीत सिंह बस्तर के माचकोट वन परिक्षेत्र स्थित कावापाल गांव में पिछले छह माह से डटे हुए हैं। अपने साथ वे डेढ़ करोड़ रुपये लागत की जर्मन मेड माइक्रोहाइड्रो टरबाइन मशीन भी ले गए हैं, जो उनके जर्मनी में किए गए शोध और अटूट देशप्रेम से प्रभावित हो जर्मन सरकार ने उन्हें भेंट स्वरूप भेजी थी।

घने जंगलों के बीच मौजूद बस्तर के इस अंधियारे गांव के दो सौ घरों को युवा वैज्ञानिक पुनीत सिंह रोशन करना चाहते हैं। वे अपनी माइक्रोहाइड्रो टरबाइन मशीन को गांव के किनारे बहते छोटे से जंगली नाले में स्थापित करना चाहते हैं ताकि टरबाइन से बनने वाली बिजली से गांव का अंधेरा दूर हो सके। यह टरबाइन कम प्रवाह वाले जल स्रोत से भी पर्याप्त बिजली बना सकती है। राज्य सरकार से उन्हें इस काम में मदद की दरकार है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

 

Source:Agency