Breaking News

Today Click 118

Total Click 3654534

Date 24-05-18

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी तीन साल बाद हो जाएगी कर्मचारी विहीन

By Mantralayanews :01-04-2018 06:22


-87 कर्मचारी हो चुके हैं रिटायर, 2020 तक 73 की होगी विदाई

-65 दैवेभो दे चुके हैं 20 साल की सेवाएं, फिर भी नहीं हुए नियमित

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के अधिकांश विभाग अगले तीन सालों में कर्मचारी विहीन हो जाएंगे। दरअसल, पिछले सात साल से गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है, जबकि हर साल लगभग एक से डेढ़ दर्जन कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछले छह सालों में 87 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि वर्ष-2020 तक 73 कर्मचारी की विदाई हो जाएगी। विगत दस सालों में विभागों का विस्तार होने के बावजूद कर्मचारी नहीं बढ़े हैं, वर्तमान में लगभग साढ़े चार सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। खाली पदों की पूर्ति दैवेभो को नियमित कर की जा सकती है, लेकिन 167 दैवेभो के विनियमितीकरण की फाइल ही पिछले एक साल से मंत्रालय की धूल खा रही है।

बीयू ने इस वर्ष अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया है। इस पूरी अवधि में कई पड़ाव आए, लेकिन लंबे अर्से से कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि नहीं हो पाई है। काम दिन ब दिन बढ़ता गया है और कर्मचारियों की संख्या सेवानिवृत्ति के चलते लगातार कम हो गई है। वर्तमान में स्थिति यह है कि अधिकांश विभागों को दैवेभो ही संभाल रहे हैं। लेकिन, बीयू प्रबंधन इनके नियमितीकरण के बारे में सोचने के बजाय उनके प्रकरण को और उलझाता जा रहा है। यहां पूरा काम संभाल रहे 252 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में से 167 नियमितीकरण की पात्रता रखते हैं। इनमें से 65 दैवेभो तो 20 साल की सेवाएं पूर्ण कर चुके हैं।

एक साल से गोते खा रही विनियमितीकरण की फाइल

बीयू की कार्यपरिषद ने लगभग एक साल पहले सितंबर 2016 में 167 दैवेभो कर्मचारियों को विनियमितीकरण के लिए पात्र मानते हुए वेतन वृद्धि के निर्देश दिए थे। इनमें से बीयू स्थापना मद से 125 व स्ववित्तीय मद से 42 दैवेभो कार्यरत हैं। यह बढ़ा हुआ वेतन बीयू को स्वयं वहन करना है। बीयू ने सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद इस फाइल को अनुमति के लिए मंत्रालय भेज दिया है। अब वित्त विभाग के अधिकारी साल भर से टीप पर टीप लगाकर फाइल को अटका रहे हैं। दैवेभो का आरोप है कि नियमित कर्मचारियों व अधिकारियों के सारे निर्णय विवि में ही होते हैं, लेकिन दैवेभो की फाइल अनुमति के नाम पर उलझाने के लिए मंत्रालय भेजी गई है।

फैक्ट फाइल..

-गैर शैक्षणिक नियमित कर्मचारी : 450

-अब तक सेवा निवृत्त हुए कर्मचारी : 87

-वर्ष-2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी : 73

-सभी विभागों में कार्यरत कुल दैवेभो कर्मचारी : 252

-विनियमितीकरण के लिए पात्र दैवेभो : 167

-बीस साल की सेवाएं पूर्ण कर चुके दैवेभो : 65

इनका कहना है

विवि की किसी भी गतिविधि के लिए शासन जवाबदेह है। भले ही दैवेभो का भुगतान स्ववित्तीय मद से होना है, लेकिन शासन की अनुमति जरूरी है। अनुमति मिलते ही दैवेभो को विनियमित किया जाएगा। जहां तक पदों के खाली होने की बात है, तो शीघ्र ही कर्मचारियों की भर्ती के लिए चर्चा की जाएगी।

-प्रो. उदयनारायण शुक्ल, रजिस्ट्रार, बीयू

 

Source:Agency