Breaking News

Today Click 102

Total Click 3659204

Date 27-05-18

UPमे माहौल बिगाडने की कोशिश,असामाजिक तत्वो ने तोड़ी आंबेडकर की प्रतिमा

By Mantralayanews :05-04-2018 08:01


फिरोजाबाद. यूपी में एक बार फिर से संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने का मामला सामने आया है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला नंदे गांव में कुछ असामाजिक तत्वों ने आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। बदमाशों ने क्षेत्र में तनाव फैलाने की कोशिश की। मूर्ति तोड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं, ग्राणीण लोगों को पुलिस ने नई मूर्ति लगवाने का भरोसा दिया है।

पहले भी तोड़ी जा चुकी हैं मूर्तियां

- यूपी के इलाहाबाद और सिद्धार्थनगर में कुछ अराजक तत्वों द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को तोड़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। इलाबाहद के झूंसी में त्रिवेणीपुरम के पास डॉ आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया था। स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा को देखा तो हंगामा करने लगे थे। 
- सिद्धार्थनगर जिले में कुछ शरारती तत्वों ने मूर्ति का दहिना हाथ तोड़ दिया है। शनिवार की सुबह डुमरियागंज थाना क्षेत्र के गौहनिया गांव में हुई इस घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और शरारती तत्वों की गिरफतारी के साथ मूर्ति बदलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये थे।
- यूपी के आजमगढ़ जिले में 10 मार्च को बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया था। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के राजापट्टी गांव के पास आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई थी। लोगों ने खंड़ित मूर्ति को देख पुलिस को सूचना दी थी।
- इससे पहले मेरठ के मवाना में ग्राम पंचायत की जमीन पर स्थापित अंबेडकर की मूर्ति को कुछ अराजक तत्वों ने तोड़ दिया था। जिसके चलते वहां तनाव की स्थिति बन गयी थी। 
- दलित समाज के ग्रामीण आक्रोश में थे जिसके बाद उन्होंने रोड जाम कर दिया था। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाया और नयी मूर्ति स्थापित कराई थी।
- एटा जिले के थाना जलेसर कस्बे के गोला कुआं मोहल्ला में प्रतिमा को अराजक तत्वों ने तोड़ दिया था।

सीएम कहा था सीएम योगी ने?

- गृह विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे अपने जनपद में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता बरतें। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में न हो। उन्होंने कहा था कि इन घटनाओं के लिए लिए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, जिससे वे शान्ति व्यवस्था भंग करने की स्थिति न उत्पन्न कर सके।

क्या कहा मायावती ने ?
- बसपा प्रमुख मायावती ने कहा था कि पिछड़ी जातियों और आदिवासियों के लोगों को लेकर भाजपा और आरएसएस को कोई परवाह नहीं है। वे अपनी इनके लिए काम करने के बजाय बाबासाहेब को 'रामजी' बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे केवल दलितों के वोट बैंक की राजनीति में रुचि रखते हैं और कुछ नहीं।

यूपी में आंबेडकर को लेकर सियासत गर्म
- हाल ही में राज्यपाल के सुझाव पर योगी सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम के साथ 'रामजी' जोड़ने का आदेश दिया है। बात दें कि 'रामजी' उनके पिता का नाम है। 
- आंबेडकर के नाम के साथ पिता का नाम जोड़ने पर विपक्ष ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा था कि अगर सरकार दलित विरोधी नहीं है तो दलितों के हितों के लिए काम करे। बाबा साहेब के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है।

त्रिपुरा में तोड़ी गई थी लेनिन की मूर्ति
- मूर्तियां तोड़े जाने की शुरुआत सबसे पहले त्रिपुरा में हुई थी। यहां बीजेपी की सरकार बनने के बाद लेनिन की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया था। उसके बाद अलग-अलग इलाकों से ऐसी खबरें आने लगी। उसके बाद पेरियार की मूर्ति और कोलकाता में महात्मा गांधी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया था।
 

Source:Agency