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युवती से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में 5 आरोपियों पर एफआईआर

By Mantralayanews :05-04-2018 08:07


भोपाल/सतना.सतना में युवती के साथ दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को आरोपी बनाया है और इनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के साथ एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी नीरज पांडेय को बनाया है, और गर्भपात करवाने वाली झोलाछाप महिला डॉक्टर सपना पांडेय को भी आरोपी बनाया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया है।


-बता दें कि बुधवार को दुष्कर्म पीड़ित युवती जबरन करवाए गए गर्भपात के बाद मृत शिशु के शव के लेकर एसपी कार्यालय पहुंच गई थी। शहर के सिविल लाइन इलाके में दलित युवती का अपहरण कर उससे महीनों तक दुष्कर्म किया गया था। बाद में, युवती को शादी का झांसा देकर छोड़ दिया गया। इस बीच युवती पुलिस में शिकायत करने पहुंची तो एक से दूसरे थाने के बीच ही चक्कर लगाती रही।

-मंगलवार को दबंग ने युवती का जबरन गर्भपात करा दिया। बुधवार को जब युवती 5 महीने के भ्रूण को झोले में भरकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची तो यह नजारा देख वहां मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए। एसपी ने मामले में फौरन जांच टीम गठित कर दी है।

कई बार किया गया दुष्कर्म

-विक्टिम ने पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर को बताया कि 5-6 महीने पहले आरोपी नीरज पिता संपत पांडेय उसे जबरदस्ती पकड़कर अपने घर ले गया। वहां आरोपी लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी के भाई धीरज व उसकी मां ने उसे यह बात किसी को न बताने की धमकी देकर शादी करवाने का आश्वासन देकर बाद में वहां से जाने दिया। इसके बाद 2 फरवरी को आरोपी नीरज अपने दो साथियों राजकुमार व विष्णु सिंह के साथ युवती को एक बार फिर उठा ले गया। इस बार नीरज 15 दिन तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।

मां को बंधक बनाकर जबरन करा दिया गर्भपात

-विक्टिम अपनी मां के साथ मंगलवार को इलाज कराने जा रही थी। वहां धीरज, राजकुमार व दो अन्य लोग उसे व उसकी मां को जबरन गाड़ी में बिठाकर बिरला मार्केट स्थित एक नर्स के पास ले गए और वहां नर्स को रुपए देकर चले गए। उसे व उसकी मां को वहां रातभर रोके रखा गया और बुधवार को नर्स ने उसका गर्भपात कर दिया।

मैं थाने के चक्कर काटती रही और आरोपी देते रहे जान से मारने की धमकी

-विक्टिम ने बताया कि उसने दबंगों के चंगुल से छूटने के बाद सबसे पहले हरिजन थाने में मामले की शिकायत की। वहां उससे कहा गया कि सिविल लाइन थाने जाओ। इसके बाद उसने 3 फरवरी और 10 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत थी। लेकिन इसके बाद भी संबंधित थाना पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। इधर, आरोपी उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे देते रहे।


-सीएसपी वीडी पांडेय ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। यदि आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
 

Source:Agency