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Date 26-02-18

छत्तीसगढ़ प्री बजट : टैक्स कटौती की उम्मीद बांधे बैठे हैं किसान

By Mantralayanews :07-02-2018 08:16


धमतरी । नई-नई टैक्स प्रणाली विकसित होने से कृषि की लागत लगातार बढ़ रही है। टैक्स बढ़ने से जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बजट में घोषणा के बावजूद कई विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल पाता, जिसके कारण या तो काम ही शुरू नहीं हो पाता या अधूरा रह जाता है।

बजट को लेकर नईदुनिया ने नागरिकों से चर्चा कर उनकी राय जानने का प्रयास किया। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट 9 फरवरी को पेश होने जा रहा है। इसे लेकर नागरिक उम्मीद लगा रहे हैं कि इस बार का बजट आम नागरिकों के हित में होगा।

जीएसटी (गुड्स सर्विस टैक्स) और नोटबंदी के बाद आम नागरिकों को दिक्कतें हुई हैं। इस बजट से कैसे बैलेंस किया जाएगा, यह चर्चा लोगों में है। जिला मुख्यालय धमतरी की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका है।

गोकुलधाम, बहुप्रतीक्षित मॉडल बस स्टैंड, सड़क चौड़ीकरण के कार्य, स्टेडियम के अधूरे कार्य शहर में अब तक पेंडिंग हैं। इस बार के बजट से उम्मीद है कि ये सभी रचनात्मक कार्य समय पर पूरे हो पाएंगे। हर माह पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से आम आदमी परेशान हैं छिट-पुट सामानों से लेकर होटलों का खाना भी जीएसटी की वजह से महंगा हो गया है।

बजट होता है लैप्स 

बीते तीन साल से जिले के जनपद सदस्यों को ग्रामीण विकास के लिए दी जाने वाली जनपद विकास निधि की राशि नहीं मिल पाई है। जानकार बताते हैं कि दो साल की राशि तो मिलने से रही। हां, इस बार यदि आवंटन में देरी हुई तो सभी जनपद सदस्यों को मिलने वाली राशि पूर्व सालों की तरह इस साल भी लैप्स हो जाएगी। मालूम हो कि जनपद सदस्यों को चुनाव के बाद शासन द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास के लिए 2 लाख की राशि का आवंटन किया जाता है। 25 जनपद सदस्यों को 2015 में 2 लाख, 2016 में 2 लाख व 2017 में 2 लाख की राशि अब तक नहीं मिल पाई है।

जनता ने कहा 

- आमतौर पर देखा जाता है कि जिस तरह की घोषणाएं की जाती हैं, उसका क्रियान्वयन नहीं हो पाता। जागरूकता के अभाव में आम जनता शोषित होती है। बजट में टैक्स छूट के बाद भी आम जनता से अधिक पैसे ले लिए जाते हैं। - मोहित देवांगन, किसान।

- महंगाई के दौर से गुजर रही आम जनता को राहत देने बजट को जनता के हित में बनाया जाए। अक्सर टैक्स के रूप में लोगों पर अतिरिक्त कर थोप दिया जाता है। कर में कटौती का प्रावधान किया जाए। - संतोष कुमार सिन्हा , व्यापारी।

- किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाएं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में कृषि क्षेत्र का काफी बड़ा योगदान रहता है। आज नई-नई टैक्स प्रणाली विकसित होने के कारण कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ती जा रही है। ऐसे में किसानी छोड़कर किसान अन्य कार्य करने लगे हैं। - दिनेश कुमार साहू, किसान क्लब अध्यक्ष देमार।

बजट के अभाव में खेल स्टेडियम सालों से उपेक्षित

क्रिकेट खिलाड़ी चंद्रकांत साहू, मनीष साहू, कुणाल शर्मा का कहना है कि बजट न होने का हवाला देकर शहर के कई खेल मैदान सालों से उपेक्षित पड़े हैं। बीसीएस पीजी कॉलेज धमतरी का मिनी स्टेडियम 15 साल से अधिक समय से वीरान पड़ा है। हर साल बजट का प्रावधान कर इसे सुधारने की बात कही जाती है, पर स्थिति जस की तस है। इसी तरह आमातालाब रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में भी कई कार्य शुरू रायपुर होने के बाद बंद हो गए। वर्तमान में यहां लगे ग्रिल, लोहे की जालियां चोरी हो रही हैं।
 

Source:Agency