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वाहन कबाड़ नीति को सरकार देने जा रही अंतिम रूप

By Mantralayanews :08-02-2018 08:00


नई दिल्लीः सरकार 15 साल से ज्यादा पुराने वाणिज्यिक वाहनों को परिचालन से हटाने के लिए वाहन कबाड़ नीति (स्क्रैपिंग नीति) को अंतिम रूप देने में लगी है। इस नीति के तहत केंद्र और राज्य सरकारों की ओर कर प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव किया जा रहा है। हालांकि ऐसे प्रस्ताव पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद से मंजूरी लेनी होगी। इस योजना का नाम स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम (वी-वीएमपी) नीति हो सकती है, जिसके तहत करीब 2.8 करोड़ पुराने वाहन सड़कों से हट सकते हैं। इसके लिए त्रिस्तरीय प्रोत्साहन प्रणाली पर काम किया जा रहा है।

वाहन मालिक को पुराने वाहन का स्क्रैप मूल्य मिलेगा। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार कुछ प्रोत्साहन देगी, जिसे कर लाभ में शामिल किया जा सकता है। गडकरी ने कहा, 'अगर 15 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों को स्क्रैप किया जाता है तो उद्योग में 22 फीसदी की वृद्घि होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।'  इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद प्रदूषण के स्तर में 65 फीसदी तक की कमी आ सकती है। सितंबर 2017 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एलजीटी) ने दस साल पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से हटाने का आदेश दिया था।

भारी उद्योग मंत्रालय ने इसके खिलाफ अपील की थी लेकिन एनजीटी ने उसे खारिज कर दिया था। वाहनों पर पाबंदी के आदेश को चुनौती देने वाली ऐसी ही याचिका को उच्चतम न्यायालय ने भी खारिज कर दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एनजीटी ने कहा कि डीजल  वाहनों का इस्तेमाल बहुत हानिकारक और जानलेवा है। केंद्र सरकार की नीति में वाणिज्यिक वाहनों को शामिल किया जाएगा, वहीं दिल्ली सरकार भी कारों के लिए स्क्रैपिंग नीति लाने की योजना बना रही है। सड़कों पर चलने वाले पुराने वाहन 1 अप्रैल, 2017 में लागू नए यूरो-4 उत्सर्जन मानकों के अनुकूल नहीं हैं। अप्र्रैल 2020 से वाहन उद्योग को यूरो-6 मानक का अनुपालन करने को कहा गया है।
 

Source:Agency