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25 साल पहले गंवाई आंखें, लिखीं 5 किताबें, 5 लाख को सिखाई इंग्लिश

By Mantralayanews :09-02-2018 08:29


ग्वालियर। मेरा सपना था कि युवाओं के लिए कुछ करूं। चूंकि मैं एक अंग्रेजी का शिक्षक हूं। इसलिए चाहता था कि कुछ ऐसी किताबें लिखूं, जिन्हें पढ़कर बच्चों को आसानी से अंग्रेजी का ज्ञान मिल सके। उनके लिए रोजगार की राह आसान हो सके। लेकिन 25 साल पहले एकाएक मेरी आंखों की रोशनी चली गई। तब मैं यह सोचकर बहुत निराश और दुखी हुआ कि शायद मेरा यह सपना अब पूरा न हो, लेकिन परिवार के लोगों ने हिम्मत बंधाई। मैंने भी हौसला किया और अंग्रेजी की पांच किताबें लिख डालीं।

यह कहानी है ग्वालियर के 71 वर्षीय एसबी गोयल की। श्री गोयल द्वारिकापुरी में रहते हैं। उनकी आंखें नहीं हैं, लेकिन वह अपने ज्ञान से बच्चों और युवाओं की जिंदगी को रोशन बना रहे हैं। किताबें लिखने के अलावा पिछले 50 सालों से इंग्लिश की कोचिंग भी संचालित कर रहे हैं और लगभग 5 लाख लोगों को वो इस भाषा की शिक्षा दे चुके हैं। गरीब बच्चों को उनके द्वारा नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है और सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया जाता है।

भाई और नाना ने भी गंवाई थीं आंखें

बातचीत करते हुए एसबी गोयल ने बताया कि उनके नानाजी की आंखों की रोशनी भी अपने आप चली गई थी। इसी तरह उनके दोनों भाइयों की आंखों की रोशनी भी चली गई है। आंखों की रोशनी के बाद वो डॉक्टर के पास गए। इलाज भी कराया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

50 साल से दे रहे हैं शिक्षा

श्री गोयल ने बताया कि पिछले 50 वर्षों से वो इंग्लिश की कोचिंग चला रहे हैं। पहले सरार्फा बाजार के निकट डीडवानाओली में कोचिंग करत थे। इसके बाद द्वारिकापुरी में अपने निवास पर शिक्षा देने लगे। अभी तक वह 5 लाख से अधिक युवाओं को इंग्लिश सिखा चुके हैं।

25 से 30 पुस्तकें आज भी मौखिक याद

श्री गोयल ने बताया कि आज भी उन्हें इंग्लिश की 25 से 30 पुस्तकें मौखिक याद हैं। कोचिंग में आने वाले युवाओं को वह मौखिक रूप से बता देते हैं कि किस पेज नंबर पर क्या दिया गया है।

दूसरे शहरों के युवा भी खरीदते हैं पुस्तकें

श्री गोयल द्वारा लिखी गईं पुस्तकें मार्केट में उपलब्ध हैं। दूसरे शहरों के युवा भी इंग्लिश सीखने के लिए इन पुस्तकों को खरीदते हैं। इसके अलावा इंग्लिश की शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी दूसरे स्थानों से युवा यहां आते हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकों को लिखने में उनके पुत्र मनोज गोयल ने सहयोग किया। उनके दोनों बेटे प्रवीण गोयल, मनोज गोयल और नाती अभिनव गोयल भी इंग्लिश की शिक्षा प्रदान करते हैं।

ये हैं 5 पुस्तकें

1. ट्रेजर ऑफ मॉडर्न इंग्लिश

2. ट्रेजर एंड प्लेजर

3. ग्रेट ट्रेजर ऑफ स्पोकन इंग्लिश

4. ट्रेजर ऑफ एडवांस इंग्लिश ग्रामर 5. द प्लेजर ऑफ इंग्लिश स्पीकिंग आदि पुस्तकें पढ़ सकते हैं।

नामीगिरामी लोगों को दी शिक्षा

श्री गोयल से शहर के कई प्रसिद्ध व्यक्ति अंग्रेजी की शिक्षा ले चुके हैं। इनमें एडवोकेट टीसी बंसल, एडवोकेट राजमणि बंसल, देव मणि बंसल, महेश हासवानी, सुरेश हासवानी, डॉ. प्रदीप घोडगे, एडवोकेट समीर जैन, डॉ. राकेश कंचन निर्मला कंचन, सतेन्द्र दुबे सहित कई अन्य व्यक्ति शामिल हैं। ये सभी व्यक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छे पदों पर आसीन हैं।
 

Source:Agency