Breaking News

Today Click 2472

Total Click 3592306

Date 22-02-18

बोझ उठाती हैं, जिंदगी की गाड़ी खींचती हैं और पढ़ती भी हैं

By Mantralayanews :10-02-2018 08:11


रायपुर(छत्तीसगढ़)। यदि कभी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जाना हो जाए, तो चौंकिएगा नहीं। रेलवे स्टेशन पर कदम रखते ही कुली के भेष में महिलाएं आपके रूबरू होंगी। ये क्या बोझ उठाएंगी..., यह सोचकर इनकी अनदेखी कतई न कीजियेगा।

ये आपका लगेज बखूब उठा सकती हैं। यहां 15 से अधिक महिलाएं कुली का काम कर रही हैं। एक दर्जन पंजीकृत हो चुकी हैं जबकि इनकी देखा-देखी अब संकोच का पर्दा झटक अन्य महिलाएं भी कुली बनने के लिए आवेदन दे रही हैं।

यहां पहली-पहली बार पहुंचने वाले रेल यात्री के लिए दृश्य सुखद आश्चर्य से भरा होता है, जब वह महिलाओं को कुली के रूप में सामने पाता है तो मानो चौंक जाता है। सुबह से लेकर शाम के छह बजे तक, यहां ये महिलाएं कुली का काम करती हैं।

इनमें ज्यादातर ऐसी हैं, जो अपने खून-पसीने की गाढ़ी कमाई से कुछ पैसे बचाकर पढ़ाई भी कर रही हैं। दो तो ऐसी हैं, जो स्नातक कर रही हैं, साथ ही रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा में बैठने की तैयारी भी। इनके जज्बे से सबक लेते हुए बाकी महिला कुली भी अब आगे की पढ़ाई करने लगी हैं।

इनमें से आधा दर्जन ने इस बरस इग्नू से आगे की पढ़ाई के लिए फार्म भरा है। ये महिलाएं आधी दुनिया के उस एक हिस्से का प्रतिनिधित्व करती दिखती हैं, जो दुनियादारी का बोझ भी उठाती हैं और जिनमें पढ़ने-आगे बढ़ने की ललक भी बरकरार है।

स्नातक कर रही हैं पारंग साहू राजनांदगांव की पारंग बाई साहू सन 2009 से रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुली हैं। उस समय वह मात्र आठवीं कक्षा तक पढ़ी थीं। काम करते-करते उन्हें सूझा कि पढ़ाई जारी रखेंगी तो हो सकता है सरकारी नौकरी भी मिल जाए। फिर क्या था, जोश और जज्बे के साथ लग गईं पढ़ाई में। 2012 में हाईस्कूल और 2014 में इंटर की परीक्षा पास की।

इस समय उन्होंने इग्नू से स्नातक कोर्स में दाखिला लिया है। काम और घर-गृहस्थी से फुर्सत पाने के बाद वे रात में पढ़ाई करती हैं। कहती हैं, काम भी जरूरी है, पढ़ना भी। लगन हो तो दोनों साथ किए जा सकते हैं।

जंग जीतने को कुली बनीं राजकुमारी राजनांदगांव मोतीपुर की राजकुमारी वर्मा के पति जितेंद्र जंघेल का सन 2001 में देहांत हो गया। इसके बाद तीन बच्चों के पालन-पोषण के लिए बहुत दिनों तक भटकने के बाद अंतत: कुली बनने का फैसला किया।

काम मिल गया, तो आगे पढ़ने का भी विचार किया। इंटर पास करने के बाद वह रेलवे बोर्ड की भर्ती परीक्षा में शामिल हो चुकी हैं। अभी सफलता नहीं मिली है। वे अपने बच्चों को तो पढ़ा ही रहीं हैं, खुद भी पढ़ रही हैं।

रेलवे स्टेशन डायरेक्टर ने भरवाया इग्नू का फार्म 

रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर वी.बी.टी. राव पढ़ाई के लिए इन महिला कुलियों की लगातार हौसला अफजाई करते हैं। उन्होंने अन्य महिला कुलियों मसलन कुरुद निवासी मानबाई साहू, मंदा वर्मा, सुलोचना, संजू ठाकरे, अर्चना गोडवाने सहित अन्य का इग्नू से स्नातक की पढ़ाई के लिए हाल ही में फार्म भी भरवाया है। राव ने इन्हें आगे की पढ़ाई के लिए हरसंभव मदद का आश्र्वासन भी दिया है।
 

Source:Agency