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अंतरिक्ष में ग्रहों और आकाशगंगा की फोटो लेता है हबल

By Mantralayanews :09-04-2018 08:02


भोपाल। हबल टेलीस्कोप को आकाश में देख बच्चे रोमांचित नजर आए। कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया चिनार पार्क में। जहां विज्ञान संचारिका सारिका घारू ने हवा में झूलते मॉडल की मदद से हबल टेलीस्कोप के अंतरिक्ष में सफलतापूर्व 28 साल पूरे होने को सेलिब्रेट किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ बड़े भी इस विज्ञान को समझने में पीछे नहीं रहे।

सारिका ने बताया कि अप्रैल 1990 में हबल स्पेस टेलीस्कोप अंतरिक्ष में भेजा गया। यह एक खगोलीय टेलीस्कोप है जो अंतरिक्ष में सेटेलाइट के रूप में स्थापित है। अमेरिकी खगोल वैज्ञानिक एडविन पावेल हबल के नाम पर इसे हबल नाम दिया गया। यह धरती की सतह से 600 किमी ऊपर चक्कर लगा रहा है। हबल का वजन 12 टन या दो बड़े हाथी से भी अधिक है। हबल का मिरर 2 वाय 4 मीटर का है, जिसका वजन 828 किग्रा है। इसे धरती का एक चक्कर लगाने में लगभग 95 मिनट लगते हैं।

इसकी लंबाई 13 वाय 2 मीटर है और व्यास 4 वाय 2 मीटर अर्थात एक वाल्वो बस से बड़ा है। यह पृथ्वी के चारों ओर 27 हजार किमी प्रति घंटे की गति से परिक्रमा करते हुए ग्रहों, आकाशगंगा की फोटो लेता है। 28 सालों में इसकी पांच सर्विसिंग की गई है,तब से यह अंतरिक्ष में अपनी सेवाएं दे रहा है। खगोलविज्ञान को ऊंचाई तक ले जाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम में आशी चौहान ने बच्चों को हबल का साइंस समझाने में मदद की।
 

Source:Agency