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3 करोड़ की पब्लिक बाइक स्टैंड पर खा रही हैं धूल

By Mantralayanews :09-04-2018 08:03


भोपाल । राजधानीवासियों की सेहत बदलने के लिए शुरू किए गए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पब्लिक बाइक शेयरिंग के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए फिर भी कुछ ही लोग चार्टर्ड बाइक (साइकल) का उपयोग कर रहे हैं। शहर के 32 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है लेकिन हजार से भी कम लोग ही चार्टर्ड बाइक का उपयोग करते हैं। नवदुनिया की पड़ताल में सामने आया कि जिम्मेदारों ने सिर्फ सुविधा को शुरू कर अपना पल्ला झाड़ लिया लेकिन इसकी बेहतरी के लिए पहल नहीं की गई।

एक करोड़ मिले कंपनी को

इस सुविधा के लिए 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन चार्ज होता है। पूरी राशि का 30 प्रतिशत राशि स्मार्ट सिटी कंपनी और शेष 70 प्रतिशत राशि चार्टर्ड बाइक कंपनी को मिलती है। फिलहाल 32 हजार लोगों ने 500 रुपये की दर से पंजीयन कराया है। इसी आधार पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये की प्राप्ति हुई। इसमें 1 करोड़ 12 लाख कंपनी और बाकी 48 लाख बीएससीडीसीएल(स्मार्ट सिटी कंपनी) को मिला। इसके बाद भी प्रोजेक्ट का संचालन सही से नहीं किया जा रहा हैं।

तकनीक से लैस हैं साइकिल

यह सुविधा लोगों को 24 घंटे सातों दिन मिलती है। साइकिल बुक करते ही वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) कस्टमर के

मोबाइल पर आ आता है। इस नंबर को उपयोगकर्ता साइकिल में लगे डिजिटल बॉक्स में डायल करते ही लॉक खुलता है। बाइक के ऑफिशियल स्टैंड जीपीएस से लिंक किए गए हैं। इसे स्टैंड पर पार्क करते वक्त डिजिटल सिस्टम में ओके का बटन दिया गया है। लाइट की सुविधा भी है।

इस कारण भी शहरवासियों ने चार्टर्ड बाइक से बनाई दूरी

बाइक की संख्या कम

32 हजार लोगों ने इस योजना में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। शुरूआत में उत्साह ज्यादा था। सिर्फ 400 चार्टर्ड बाइक होने कारण अधिकांश लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनका उपयोग भी सुबह (5 बजे से 8 बजे) और शाम (6 बजे से 8 बजे) सबसे ज्यादा होता था। कम संख्या के कारण अधिकांश लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

मेंटनेस भी एक कारण

शहर के अधिकांश स्टेशनों पर साइकिल धूल खा रही है। मेंटनेस का पूरा जिम्मा चार्टर्ड बाइक कंपनी का है। वहीं इन स्टेशनों और चार्टर्ड बाइक (साइकिल) की सफाई ही नहीं की जाती। लोगों ने बताया कि कई बाइक में भी खराबी है। शिकायत करने के बाद भी इसका निराकरण नहीं हो रहा है और लोगों की रुचि कम हो रही है।

पार्किंग की समस्या

अधिकांश लोग सेहत दुरुस्त करने के लिए ही इसका उपयोग करते हैं। इसी कारण इन स्थानों से नजदीकी स्टेशनों 

तक पहुंचते हैं। सारे स्टेशन मुख्य सड़क किनारे ही बनाए गए हैं। जहां लोग अपनी चार या दोपहिया गाड़ी से आते हैं। पर गाड़ी पार्किंग की व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में लोगों को अपनी गड़ियां पार्क करने में समस्या आती है।

काम अभी भी पूरा नहीं

इस सुविधा के लिए शहर में कुल 100 स्टेशन बनाए जाने थे लेकिन अब तक 92 स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा किया

गया। 100 अतिरिक्त चार्टर्ड बाइक भी लाई जानी थी। इससे कुल बाइक 500 हो जातीं। मिनाल, इंद्रपुरी, अयोध्या

नगर, दानिश, जेके रोड समेत अन्य पांच स्थानों पर स्टेशन बनाना है। दोनों ही काम छह माह से लटके हुए हैं।

जिम्मेदारी तय नहीं

चार्टर्ड बाइक में खराबी और अन्य समस्या को दूर करने का काम कंपनी का है। इसकी शिकायत भी कंपनी के

कॉल सेंटर में की जाती है। ऑनलाइन भी शिकायत करने का विकल्प वेबसाइट में दिया गया है। शिकायतों के

बाद भी मेंटनेस नहीं किया जाता। जब अधिकारियों से बात की जाती है तो वे कंपनी की जिम्मेदारी की बात करते हैं।

अधूरा रहा अभियान

पर्यावरण को सुरक्षित रखने और ज्यादा से ज्यादा साइकलिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही पब्लिक बाइक शेयरिंग को शुरू किया गया है। लेकिन इस सुविधा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी नहीं चलाया गया। कम लोग इसके बारे में जान पाए। जो लोग इसका सुविधा का लाभ ले रहे हैं उनसे फीडबैक भी नहीं लिया गया।

फैक्ट फाइल

03 - करोड़ लागत

92 स्टेशन

400 साइकल

कब से शुरू - 26 जून से

उपयोगकर्ता -1 हजार प्रति दिन

32 हजार रजिस्ट्रेशन

- संचालन - चार्टर्ड बाइक कंपनी अहमदाबाद

- साइकल ट्रैक - सिर्फ होशंगाबाद रोड (कुल 12 किमी)

- शुल्क - आधा घंटे तक मुफ्त फिर 10 रुपये प्रतिघंटा

इनका कहना है

इसका संचालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। कई खामियां हैं। साफ सफाई होती नहीं और साइकिलों की कमी है। हम भी स्मार्ट बाइक चलाना चाहते हैं इसलिए रजिस्ट्रेशन कराया - संकेत शुक्ला, यूजर

अयोध्या के पास कोई भी स्टैंड नहीं बनाया गया है। हम अन्य स्थानों पर जाकर साइकलिंग करते थे। गाड़ी पार्किंग की सुविधा नहीं है और कई बार बाइकों में भी खराबी मिली। शिकायत पर कुछ नहीं हुआ- राहुल यादव, यूजर

मैंटेनेंस का काम कंपनी का है। हम भी शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेते हैं। एक हजार लोगों द्वारा प्रतिदिन साइकलिंग करना बड़ी बात है। हम लोगों को जागरूक करने का काम भी करेंगे - चंद्रमौलि शुक्ला, सीईओ, बीएससीडीसीएल
 

Source:Agency