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Date 22-02-18

एस्टर DM का IPO महंगा है, इसमें पैसा लगाना ठीक नहीं होगा

By Mantralayanews :12-02-2018 06:03


एस्टर डीएम हेल्थकेयर का आईपीओ महंगा लग रहा है और निवेशकों को इससे दूर रहना चाहिए। बता दें कि सोमवार को एस्टर डीएम का आईपीओ खुल रहा है। कम मार्जिन, रिटर्न ऑन कैपिटल और प्रॉफिट ग्रोथ के बावजूद कंपनी इंडस्ट्री में ईवी/एबिड्टा के आधार पर बहुत अधिक वैल्यूएशन की मांग कर रही है। एस्टर को आगे चलकर कपैसिटी बढ़ने से प्रॉफिट ग्रोथ तेज होने की उम्मीद है, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन की वजह से लिस्टिंग के बाद शेयर प्राइस में बहुत बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है। पिछले एक साल में हेल्थकेयर स्टॉक्स ने निगेटिव रिटर्न दिया है। इससे एस्टर में निवेशकों की दिलचस्पी और कम रह सकती है। पिछले एक साल में कम रिटर्न देने वाले हेल्थकेयर स्टॉक्स में अपोलो हॉस्पिटल, फोर्टिस हेल्थकेयर और नारायण हृदयालय जैसे नाम शामिल हैं।
एस्टर गल्फ और भारत में हॉस्पिटल, क्लिनिक और फर्मेसी सेगमेंट में कामकाज करती है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी 975 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इसमें से 250 करोड़ रुपये प्रमोटरों को आंशिक हिस्सेदारी बेचने की एवज में मिलेगा। इसके बाद 725 करोड़ रुपये में से ज्यादातर का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। 

बिजनस: हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर के 19 हॉस्पिटल हैं। इनमें से 9 पश्चिम एशिया और 10 भारत में हैं। कंपनी के पास 97 क्लिनिक और 206 फार्मेसी गल्फ में हैं। कंपनी को एक तिहाई आमदनी हॉस्पिटल बिजनस से मिलती है। पहले एस्टर गल्फ क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन इधर उसने भारत में मौजूदगी बढ़ाई है। खासतौर पर वह पश्चिम और दक्षिण भारत में अपना विस्तार कर रही है। उसने कई हॉस्पिटल को खरीदकर यह विस्तार किया है। भारत का कंपनी की कुल आमदनी में अब 25 पर्सेंट योगदान हो गया है। उसके पास 4,745 बेड हैं और वह अगले तीन से चार साल में और 1,727 बेड जोड़ने जा रही है। 

फाइनैंशल्स: वित्त वर्ष 2015 में कंपनी की आमदनी 3,876 करोड़ रुपये थी, जो 2017 में बढ़कर 5,931 करोड़ रुपये हो गई थी। हालांकि, इस बीच उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट 506 करोड़ से घटकर 332 करोड़ रह गया है। वित्त वर्ष 2017 में कंपनी का मार्जिन 6 प्रतिशत था, जबकि अपोलो हॉस्पिटल, फोर्टिस हेल्थकेयर और नारायण हृदयालय का मार्जिन 12-14 पर्सेंट के बीच है। एस्टर की एंप्लॉयी कॉस्ट काफी अधिक है। वित्त वर्ष 2017 में यह आमदनी का 40 प्रतिशत थी, जबकि दूसरे हॉस्पिटल चेन के लिए यह 20 पर्सेंट है। ऐनालिस्ट्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में कंपनी के एंप्लॉयीज की संख्या अधिक है। एस्टर का सितंबर 2017 तक डेट टु इक्विटी रेशियो 1.6 था, जो आईपीओ के बाद घटकर 0.8 रह जाएगा। 

वैल्यूएशन: वित्त वर्ष 2017 के फाइनेंशियल के आधार पर कंपनी ईवी/एबिड्टा का 33 गुना वैल्यूएशन मांग रही है, जबकि दूसरे हॉस्पिटल स्टॉक्स में 25 से 28 के वैल्यूएशन पर ट्रेडिंग हो रही है। 

Source:Agency