Breaking News

Today Click 2081

Total Click 3611547

Date 19-04-18

...तो देशभर में काम करेगा 'मोक्षा', नीति आयोग को आया रास

By Mantralayanews :10-04-2018 08:08


बिलासपुर। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बाल वैज्ञानिकों द्वारा चिता की राख को जैविक खाद में तब्दील करने में सक्षम 'मोक्षा' मशीन को नीति आयोग की एटीएल (अटल टिंकरिंग लैब) वॉक ऑफ फेम पत्रिका में प्रमुखता से जगह मिली है।

नीति आयोग ने वर्ष 2016-17 के आविष्कारों के संबंध में जारी वार्षिक पत्रिका के कवर पेज पर मोक्षा को जगह देते हुए बाल वैज्ञानिकों की तस्वीर भी प्रकाशित की है। आविष्कार को पेटेंट कराने की प्रक्रिया के सिलसिले में बिलासपुर पहुचे नीति आयोग के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस मॉडल के व्यापक इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई जा रही है।

मोक्षा के जरिये न केवल चिता की राख को जैविक खाद में तब्दील किया जा सकता है बल्कि रोबोटनुमा यह मशीन नदी की तलहटी में उतर नदी की सफाई करने में भी दक्ष है। नीति आयोग ने वार्षिक रिपोर्ट में माना है कि मोक्षा दिल को छू लेने वाला आविष्कार है। इसके साथ ही आयोग ने बाल वैज्ञानिकों की भी जमकर तारीफ की है। आयोग ने माना है कि चिता की राख को शोधन करने के साथ ही नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए मोक्षा का आविष्कार करने वाले बाल वैज्ञानिकों की जितनी तारीफ की जाए वह कम ही है।

इसे बड़े पैमाने पर लागू करने का निर्णय लेते हुए आयोग ने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल का मोक्षा मॉडल अब देशभर में नजर आएगा। देशभर के मुक्ति धामों में इसे रखा जाएगा और चिता की राख को अनिवार्य रूप से मोक्षा के जरिए शोधित किया जाएगा। शोधन के बाद इसका उपयोग खाद के रूप में किया जाएगा।

फरवरी में गोवा में आयोजित इंटनेशनल इनोवेशन कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए अटल टिंकरिंग लैब प्रोग्र्राम के जरिये नीति आयोग ने देशभर के 23 शिक्षण संस्थानों के आविष्कारों को चुना था। इनमें मोक्षा भी सम्मिलित था। गोवा में नोबल पुरस्कार समिति के चेयरमैन चार्ल्स हेडिन, फ्रांस की नोबल पुरस्कार विजेता हर्ट्स और अमेरिका के नोबल विजेता राबर्टसन के समक्ष मोक्षा का प्रदर्शन किया गया था।


 

Source:Agency