Breaking News

Today Click 434

Total Click 3599110

Date 26-02-18

अब खेल मैदानों को निजी हाथों में देने की तैयारी

By Mantralayanews :12-02-2018 06:23


रायपुर। प्रदेश के सरकारी खेल मैदानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इसके लिए मसौदे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लीज पर देने की वजह यह है कि करोड़ों रुपयों से बने खेल मैदान का मेंटेनेंस विभाग को भारी पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में करोड़ों की लागत से क्रिकेट, हॉकी, इंडोर, एथलेटिक स्टेडियम तैयार किए गए हैं, लेकिन उपयोगिता के मामले में सार्थक नहीं हैं। खेल विभाग सालभर में दो-तीन आयोजन करवा पा रहा है। बाकी पूरे वर्ष भर स्टेडियम का मेंटेनेंस करना पड़ रहा है।

लाइट, पानी, साफ-सफाई आदि में एक स्टेडियम में लाखों रुपए खर्च होता है, लेकिन इनकम शून्य है। सारा खर्च खेल विभाग को अपने बजट से करना पड़ता है। इसलिए टेंडर प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के सभी स्टेडियमों को लीज पर देने का मसौदा बनाया जा रहा है। जो भी लेगा उसे स्टेडियम का मेंटेनेंस करना होगा। अगर वहां खिलाड़ी खेलना चाहते हैं तो उनसे निर्धारित शुल्क भी ले सकता है।

कुछ परसेंटेज इनकम खेल विभाग को देना होगा। खेल विभाग पर भारी पड़ रहा खर्च: नया रायपुर स्थित प्रदेश के एक मात्र क्रिकेट स्टेडियम को चलाने की जिम्मेदारी अब तक छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने नहीं ली है।

वहां रणजी, टी-20 सहित अन्य घरेलू मैच तो हो रहे हैं, लेकिन उसका मेंटेनेंस खेल विभाग को करना पड़ रहा है। एक साल का मेंटेनेंस खर्च 12 लाख स्र्पए है। इसी तरह प्रदेश के पहले ब्लू टर्फ हॉकी स्टेडियम रायपुर में टर्फ में पानी डालने और मेंटेनेंस करने वाला कोई नहीं है।

साल में गितनी के एक दो आयोजन हो सके। अब तक टेंडर नहीं हुआ है। पूरा खर्च खेल विभाग को उठाना पड़ रहा है। खिलाड़ियों को मिल सकेगा फायदा लीज पर देने से जो खिलाड़ी स्टेडियम तक नहीं पहुंच सके हैं उन्हें भी पहुंचने का मौका मिलेगा।

खेल आयोजन भी ज्यादा होने की संभावना है। पिछले वर्ष बजट में प्रदेशभर में मिनी और आउटडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई। इनके बनने से सभी खेलों के लिए ग्राउंड हो जाएंगे। इनका सही तरीके उपयोग करना खेल विभाग की जिम्मेदारी है।

2 करोड़ का बिल बकाया 

मिली जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 2 करोड़ स्र्पए बिजली बिल बकाया है। लगभाग तीन साल से बिल जमा नहीं हुआ है। अब खेल विभाग को पूरा बिल जमा करना होगा।

प्रदेश के बड़े स्टेडियम

- वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परसदा नया रायपुर

- बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर

- सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम (पहला ब्लू टर्फ हॉकी स्टेडियम) रायपुर

- एथलेटिक स्टेडियम कोटा रायपुर पहला एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम। राजनांदगांव

- दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव

- जयंती स्टेडियम भिलाई

- प्रदेश के सभी स्टेडियमों को लीज पर देने की तैयार की जा रही है। इससे स्टेडियमों का समय-समय पर मेंटेनेंस होगा और खिलाड़ियों को भी इसका फायदा मिलेगा। टेंडर प्रक्रिया के जरिए लीज पर दी जाएगी। - धर्मेश साहू, संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग।
 

Source:Agency