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लगाम लगे इन मौत के सौदागरों पर

By Mantralayanews :12-02-2018 06:48


यह बहुत ही शर्मनाक स्थिति है कि आजादी के सत्तर सालों बाद भी देश का ज्यादातर हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। चिकित्सा सेवाओं की अनुपलब्धता के चलते ऐसे व्यक्तियों को अवसर मिल जाता है जिन्होंने न तो कभी चिकित्सा की पढ़ाई की होती है और न ही किसी के इलाज की उन्हें कोई जानकारी होती है। ऐसे झोला छाप डॉक्टरों की अज्ञानता के चलते कई गंभीर दुर्घटनाओं में लाखों लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई घटना भी इन स्वयंभू चिकित्सकों की कारस्तानी का ही एक नमूना है। गौरतलब है कि उन्नाव में एक झोला छाप डॉक्टर एक ही सिरिंज से कई मरीजों को इंजेक्शन लगाता था। एक ही सिरिंज के बार-बार इस्तेमाल की वजह वहां दो साल में करीब ७६ लोग घातक एचआईवी से संक्रमित हो चुके हैं। इनमे छह बच्चे भी शामिल है। हो सकता है कि और ज्यादा लोग संक्रमित होते लेकिन पिछले दिनों लगे स्वास्थ्य शिविर में जांच के दौरान एक ही स्थान पर ३८ लोगों के एचआईवी पीडि़त होने से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। मामला बढ़ता देख प्रशासन भी हरकत में आया।

सवाल यह है कि प्रशासन के हरकत में आने के लिए क्यों हमेशा बड़ी घटना होने का ही इंतजार किया जाता है? वह झोला छाप लम्बे समय से लोगों का इलाज कर रहा था। इतने लम्बे समय तक प्रशासन क्यों बेखबर रहा? क्या हमारी सरकरों ने दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को अघोषित रूप से इन झोला छापों के हवाले कर रखा है। मेडिकल फील्ड से जुड़ा हर आदमी जानता है कि किसी भी सिरिंज को एक बार काम में लेने के बाद दुबारा काम में लेना घातक हो सकता है।

अब तो ऐसी सिरिंज भी आने लगी है जिसे एक बार काम में लेने के बाद वापस किसी भी सूरत में काम में लिया ही नहीं जा सकता। छोटे कस्बों और गांवों में बढ़ते ऐसे मामले स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं। ऐसे मामले एमसीआई के कार्यक्षेत्र से बाहर होते हैं। चंद रुपयों के लालच में जानबूझ कर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे झोला छाप डाक्टरों के खिलाफ तो हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।
जरूरत इस बात की भी है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि वे किसी भी व्यक्ति से इलाज कराने से पहले उसकी डिग्री व मेडिकल काउंसिल से उसका रजिस्ट्रेशन जांच लें कि वह किसी का भी इलाज करने के योग्य है भी या नहीं। साथ ही प्रशासन को भी दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर लोगों को इनके चंगुल में फंसने से बचाना हेागा।
 

Source:Agency