Breaking News

Today Click 819

Total Click 4001603

Date 18-11-18

नाराज किसानों ने किया एडिशनल डायरेक्टर का घिराव

By Mantralayanews :11-04-2018 14:41


हम्मालों एवं व्यापारियों के अड़ियल रवैया से पांच घण्टें परेशान होकर बिना फसल बेंचे वापस हुये किसान।

मुंगावली:- कृषि उपज मण्डी पिछले चार दिनों से चला आ रहा विवाद सुलझने का नाम नही ले रहा है जिसके परिणाम  स्वरूप अब किसानों का गुस्सा सामने दिखार्द देने लगा है। किसानों के गुस्से का शिकार सबसे पहले भोपाल से आये मण्डी बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर एचडीवर्मा को बनना पड़ा क्योंकि जब यह बुधवार की दोपहर को मण्डी में पहुंचे तो कई किसान अपनी पुसल लेकर मण्डी पहुंच गये थे पर इनकी फसल की ड़ाक चालू नही हुई थी जिससे किसान नाराज थे पर कोई इनकी सुनने को तैयार ही नही था वहीं भोपाल से आये अधिकारी भी कुछ देर कार्यालय में बैठकर वापस जाने लगे जिसको देखकर किसान बिफर गये और गेट बंद करके एडिशनल डायरेक्टर का घिराव कर लिया बड़ी मुश्किल से अधिकारी जी अपने पद का रूतबा दिखाकर किसानों को धमकाकर वापस चले गये पर किसानों की किसी भी तरह से कोई मदद नही की गई। पांच घण्टें  मण्डी में वाहन रखकर बैठें किसानों को मण्डी के कर्मचारियों द्वारा आखिर में यह कह दिया की आप अपने वाहन मण्डी परिसर से वाहर निकाल लें गेट में ताला ड़ालना है और पाचं घण्टें के बाद दूर-दूर से आये किसानों को बिना फसल बेंचे वापस जाना पड़ा।

पुलिस बैठी रही पर नही हो सकी वार्ता-

हमेशा से विवादों में रहने वाली मण्डी में हम्माल एवं व्यापारी कितने मर्जी के मालिक है इसका अंदाजा बुधवार को मण्डी कार्यालय में देखने को मिला जहाँ किसानों के नाराज होने के बाद पुलिस के जवान एवं नायाव तहसीलदार एके जैन पहुंचें एवं व्यापारियों एवं हम्मालों को बुलाकर मजदूरी का जो विवाद है उसका हल निकालने के लिये दोनों ही पार्टियों से बात करनी चाही पर जहाँ व्यापारियों ने मण्डी कार्यालय आना ही मुनाशिव नही समझा तो हम्मालों ने अपनी मांगों से समझोता करने से मना कर दिया जिसके बाद प्रशासन ने हार कर किसानों को वापस जाने का बोल दिया। मण्डी में चल रहे पूरे घटनाक्रम को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि मण्डी एवं प्रशासन का इन दोनों ही पार्टियों पर कोई अंकुश नही है।

निकासी पर रोक के साथ अनिश्चितकालीन बंद-

इस मामले में जब मण्डी सचिव डीएस जादौन से जनना चाहा तो उनके द्वारा बताया गया कि व्यापारी एवं हम्माल दोनों ही मानने को तैयार नही है जिसके चलते मण्डी को अनिश्चित काल के लिये बंद कर दिया गया है साथ ही व्यापारियों की निकासी पर रोक लगा दी है एवं हम्मालों को हटा दिया गया है।

किसान बोले आखिर कैसे करें शादी- 

इस प्राकर मण्डी में पिछले चार दिनों से चल रहे घटनाक्रम के बाद बुधवार को एक बार फिर किसान बिना बेंचे अपनी फसल को घर ले गये जिसमें बंधी गांव से आये जीवन यादव, मदऊखेडी निवासी उत्तम सिंह, बिल्हेरू के प्राग सिंह आदी ने कहा कि हमारे यहाँ शादी एवं अनय आयोजन है पर फसल न बिकने के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इनकी बात को सुनकर यह तो कहा जा सकता है कि इस हड़ताल का किसी भी असर पड़ा हो न पड़ा हो बेचारा किसान अवश्य दर-दर भटकने को मजबूर है।

Source:Agency