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बाल वैज्ञानिकों के 'मोक्षा' अविष्कार पर नोबल प्राइज समिति की नजर

By Mantralayanews :14-02-2018 08:11


बिलासपुर । मोक्षा मॉडल के कारण शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर का नाम नोबल पुरस्कार समिति के दस्तावेजों में दर्ज हो गया है। यहां के चार बाल वैज्ञानिकों ने कमाल कर दिया है। शिक्षक डॉ. धनंजय पांडेय की अगुवाई में बाल वैज्ञानिकों ने मोक्षा का आविष्कार किया है।

नोबल पुरस्कार समिति की नजर मोक्षा पर पड़ी है। समिति के चेयरमैन चार्ल्स हेडिन के नेतृत्व में समिति के तीन सदस्यों ने बाल वैज्ञानिकों से अविष्कार की जानकारी ली। नीति आयोग के बैनर तले गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक डॉ. पांडेय के नेतृत्व में ग्यारहवीं कक्षा के छात्र अतुल अग्रवाल, योगेश मानिकपुरी व शुभम यादव ने पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने व चिता की राख से अरपा नदी के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक साथ दो आविष्कार किया।

मोक्षा बनाने के साथ ही मोक्षा रोबोट बनाया है। मोक्षा चिता की राख को शोधित करने का काम करता है। मोक्षा में एक विशेष प्रकार का बाक्स बनाया गया है। इसी बाक्स में चिता की राख को भर दिया जाता है। राख भरने के बाद ऊपर से पानी भर दिया जाता है।

Source:Agency