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उन्नाव गैंगरेप केस: सीबीआई की हिरासत में कुलदीप सिंह सेंगर

By Mantralayanews :13-04-2018 06:50


उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार को तड़के उनके इंदिरा नगर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। हिरासत के बाद विधायक को हजरतगंज स्थित सीबीआई कार्यालय में ले जाया गया है। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई टीम ने एसआईटी को भी तलब किया है। जो उन्हें इस मामले में जुड़े अब तक के दस्तावेज सौंपेंगी। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। 

कुलदीप को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई टीम शुक्रवार की भोर में ही माखी की थाने पहुंची। टीम ने इस प्रकरण से जुड़े तमाम दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के सदस्य भी थाने पहुंच गए। जून महीने से लेकर अब तक पीड़िता की ओर से की गई शिकायतों के बारे में जानकारी ली जा रही है। मामले में पीड़िता की तरफ से लिखाए गए रिपोर्ट पर भी गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। सफेद रंग की कार में सवार होकर सीबीआई टीम के सदस्य माखी थाने पहुंचे तो यहां तैनात पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। इसके कुछ देर बाद सीबीआई की एक टीम उन्नाव के उस होटल में पहुंची जहां रेप पीड़िता और उसका परिवार रुका हुआ है, यहां सीबीआई की टीम पीड़िता और उसके परिवार वालों से बारी-बारी से बात कर रही है।

पढ़ें कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़ी 25 बड़ीं बातें

1-आजादी के बाद से ही अपने गांव की राजनीति पर कुलदीप परिवार का कब्जा रहा है। विरोधियों को पटखनी देने के लिए कुलदीप ने तमाम मोहरे तैयार किए थे। पीड़ति परिवार के लोग भी उनके मोहरे थे। 


2-कुलदीप को राजनीति अपने नाना बाबू सिंह से विरासत में मिली थी।

3-कुलदीप के पिता मुलायम सिंह फतेहपुर के रहने वाले थे। कुलदीप के नाना के कोई बेटा नहीं था। इसलिए उन्होंने बेटी-दामाद को अपने पास ही बुला लिया। कुलदीप और उनके दो भाइयों मनोज सिंह और अतुल सिंह का यहीं जन्म हुआ और यहीं पले-बढ़े।

4-उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वह यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की

5-1987/88 में कुलदीप गांव के निर्विरोध प्रधान चुने गए तो उनकी उम्र 21 साल से कम बताकर विरोधियों ने चैलेंज कर दिया था। तब मेडिकल परीक्षण करके बताया कि वह 21 वर्ष के हैं। कुलदीप करीब सात साल तक प्रधान रहे।

6-गांव के प्रधानी पर करीब 59 साल से कुलदीप के परिवार का कब्जा है। 

7-कुलदीप सिंह सेंगर लगातार चार बार से विधायक है और कभी चुनाव नहीं हारे. इतना ही नहीं तीन बार उनका निर्वाचन क्षेत्र अलग-अलग रहा है. कुलदीप 2002 में पहली बार सदर से विधायक बने।

8-2007 में बसपा ने उन्हें निकाला तो उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। सपा ने बांगरमऊ से टिकट दिया और वह फिर विधायक बने।

9-सपा ने 2012 में भगवंत नगर सीट से टिकट दिया और यहां से भी जीते। जिला पंचायत अध्यक्ष के टिकट पर कुलदीप का अखिलेश से मनमुटाव हो गया और भाजपा में चले गए। भाजपा ने बांगरमऊ से टिकट दिया और फिर विधायक चुने गए। 

10-कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणा पत्र में संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में उनकी संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई थी.

11-2017 के चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक, उनकी संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई।  

12-विधायक कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण कर शादी के लिए दवाब डालना), 376 (बलात्‍कार), 506(धमकाना) और पॉस्‍को एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया है।  

13- मामला बीते आठ अप्रैल को तब खुला जब कथित बलात्कार पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की. उसका आरोप था कि पुलिस भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रही है। 

14-भाजपा के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बुधवार देर रात अचानक राजधानी लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास के बाहर दिखे. ख़बर थी कि वह आत्मसमर्पण करेंगे लेकिन वह बिना आत्मसमर्पण के ही समर्थकों के साथ वापस चले गए। 

15-कुलदीप सिंह सेंगर राजा भैया गुट के अहम सदस्य हैं। वहीं, सपा से बगावत कर पत्नी को संगीता सेंगर को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया। इनके भाई मनोज सेंगर ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। 

16-.कुलदीप सिंग सेंगर पर अवैध खनन और अवैध तरीके से टोल लगाकर वसूली करने का भी आरोप लग चूका है।  

17-उन्नाव में एक चैनल के रिपोर्टर ने आरोपी विधायक के खिलाफ अवैध खनन की खबर दिखा जिस पर रिपोर्टर के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराये गए। 

18-उन्नाव का कोई भी ठेका बिना कुलदीप सेंगर की मर्जी के किसी को नहीं मिल सकता है. साइकिल के ठेके से लेकर अवैध होटल चलाने और ऑटो स्टैंड से लेकर गाड़ियों से अवैध वसूली तक के कारोबार में विधायक का परिवार शामिल है।  

19-चौदह साल पहले उन्नाव में किसी बात को लेकर विधायक पक्ष से एक पत्रकार की कहा-सुनी हो गई थी. इसे रोकने के लिए जब पुलिस पहुंची तो विधायक के भाई अतुल सेंगर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें डिप्टी एसपी को पेट में गोली लग गई थी। 

20-सेंगर ठाकुर बिरादरी के नेता हैं और पीड़ित परिवार दलित है. सेंगर की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं।  

21-भाई ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं. कहा जाता है कि सेंगर प्रदेश भर के ठाकुर नेताओं समेत राजा भैया और सीएम योगी के भी करीबी हैं।  

22-किसान परिवार से तालुक रखने वाले कुलदीप सिंह सेंगर का आभूषण का भी व्यापार है।  

23-22 जुलाई 2017 को पीड़िता ने पीएम-सीएम को चिट्ठी लिख विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था।  

24-30 अक्टूबर 2017 को विधायक समर्थकों ने पीड़िता के परिवार पर मानहानि का केस किया, पीड़िता के घरवालों पर विधायक को रावण बताने वाला पोस्टर लगाने का आरोप लगाया। 

25-अब इस मामले में सीबीआइ कुलदीप सेंगर से सवाल पूछ रही है। सेंगर को सीबीआइ ने इंदिरा नगर स्थित उनके घर से करीब 4.30 बजे हिरासत में लिया है।
 

Source:Agency