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सरकारी स्कूल के तीन छात्र जापान के वैज्ञानिक शोध से होंगे परिचित

By Mantralayanews :13-04-2018 07:50


भोपाल। जापान के वैज्ञानिक शोध से राजधानी के सरकारी स्कूल के तीन छात्रों को रूबरू होने का मौका मिलेगा। तीनों छात्र साइंटिफिक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जापान के वैज्ञानिक शोधों से अवगत होंगे। वहां के नए-नए तकनीकी खोजों के बारे में गहन अध्ययन कर सकेंगे। इस प्रोग्राम के तहत शिवाजी नगर स्थित शासकीय उत्कृष्ट सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के तीन छात्रों का चयन हुआ है।

साथ ही प्रदेश से 6 छात्रों का चयन किया गया है, जिसमें 2 छात्राएं भी शामिल हैं। सभी छात्र गुरुवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। ये सभी छात्र शुक्रवार को नई दिल्ली में होने वाले ओरिएंटेशन प्रोग्राम में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके बाद जापान के लिए रवाना होंगे। राजधानी के तीन में से दो छात्र किसान परिवार से हैं, जबकि एक छात्र शिक्षक का पुत्र है। इन छात्रों का चयन तीन चरण में परीक्षा के बाद हुआ है। तीनों छात्रों का सपना रिसर्चर व डॉक्टर बनना है।

विज्ञान में 100 फीसदी अंक वाले हुए शामिल

इस प्रोग्राम के लिए सिर्फ उन्हीं छात्रों को मौका मिला है, जिन्हें दसवीं में विज्ञान विषय में 100 फीसदी अंक मिले थे। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के वेबसाइट पर आवेदन करना था। जिसमें पूरे प्रदेश से टॉप टेन में शामिल होने वाले 54 छात्र शामिल हुए थे। इसके लिए तीन चरणों में परीक्षा हुई थी, जिसमें लिखित, इंटरव्यू व ग्रुप डिस्कशन के आधार पर चयन हुआ है। इसमें पूरे भारत से 96 मेधावी छात्र जापान जा रहे हैं।

अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का सपना

सिवनी के एक गांव के किसान परिवार का छात्र राहुल कटरे का सपना अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का है। दसवीं में 96.5 फीसदी अंक लाने वाले राहुल का कहना है कि उसने कभी सोचा नहीं था कि जापान के वैज्ञानिक शोधों को समझने का मौका मिलेगा। राहुल 12वीं के बाद आईआईटी से बीटेक करने के बाद इसरो में रिसर्च करना चाहता है। उसका मानना है कि हम तकनीक के विकास में अन्य देशों से पीछे हैं, इसलिए शोध की जरूरत है। उसके पिता किसानी के साथ-साथ टेलरिंग का काम करते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना

दतिया जिले के सरसई ग्राम के किसान परिवार के छात्र रितिक यादव का सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। उसने दसवीं में 96.6 फीसदी अंक लाकर अपने जिले में टॉप किया था। रितिक का कहना है कि इस अवसर से जापान के तकनीकी और विकास को देखने-समझने का मौका मिलेगा।

डॉक्टर बनकर करेंगे निःशुल्क इलाज

बड़वानी जिले के बनिहार ग्राम के शिवालाल मंडलोई का सपना हृदयरोग विशेषज्ञ बनने का है। उनका मानना है कि अभी भी गांव में इलाज सुविधा बेहतर नहीं मिलने के कारण कई लोग दम तोड़ देते हैं। लिवर की बीमारी से ग्रस्त मेरे दादाजी की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। तभी मैनें संकल्प लिया कि मुझे डॉक्टर बनकर गरीबों का निःशुल्क इलाज करना है। शिवालाल 12वीं के बाद नीट के तहत परीक्षा देकर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं।

ये बड़ी उपलब्धि है

राजधानी से तीन छात्रों का चयन होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे छात्रों को जापान की तकनीक से परिचित होने का मौका मिलेगा। - सुधाकर पाराशर, प्राचार्य, शासकीय उत्कृष्ट सुभाष उमावि
 

Source:Agency