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भोपाल : बाघ-तेंदुए को बचाने की शर्त पर मिली तीसरी रेल लाइन को मंजूरी

By Mantralayanews :16-04-2018 07:59


भोपाल । 5 साल तक चली खींचतान के बाद आखिरकार बरखेड़ा से बुदनी के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी मिल गई। यह मंजूरी नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने दी है। बोर्ड के सदस्यों ने कहा है कि लाइन के निर्माण के दौरान रेलवे को बाघ-तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने होंगे। इसमें कोई कोताही नहीं चलेगी। इस रेल लाइन की मॉनिटरिंग रेलवे के साथ ही नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य व प्रदेश के वन अधिकारी भी करेंगे।

तीसरी रेल लाइन के बनने से दो फायदे होंगे। पहला, बीना से इटारसी तक तीसरी लाइन पर सीधे ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इससे पुरानी लाइनों पर दबाव कम होगा, ट्रेनें समय पर चलेंगी। यात्री निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंच सकेंगे। दूसरा, लाइन के निर्माण के दौरान ओवर व अंडर ब्रिज बनाएं जाएंगे। जहां से वन्यप्राणी रेलवे ट्रैक पार किए बिना एक से दूसरी तरफ आ-जा सकेंगे। अभी ये वन्यप्राणी ट्रैक पार करते हैं और ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं।

बरखेड़ा से बुदनी के बीच काटे जाएंगे हजारों पेड़

भोपाल रेल मंडल में बीना से इटारसी के बीच तीसरी लाइन बन रही है। बीना से निशातपुरा (भोपाल के पास) बीच का काम पूरा हो चुका है। लाइन पर ट्रेनें दौड़ रही हैं। भोपाल से इटारसी के बीच काम चल रहा है, जो 40 फीसदी हो चुका है। इसी के बीच बरखेड़ा से बुदनी सेक्शन है। इस सेक्शन में पूरा जंगल है। यहां लाइन बनाने में हजारों पेड़ काटे जाने हैं, दो दर्जन बड़ी पुल-पुलियाएं बनेगी। पहाड़ों को काटा जाना है। इसके कारण पर्यावरण को नुकसान होगा, वन्यप्राणी प्रभावित होंगे। इसके चलते स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड लाइन के निर्माण को अनुमति नहीं दे रहा था। बोर्ड के सदस्यों का कहना था कि लाइन बनाने के साथ रेलवे को वन्यप्राणियों के लिए इंतजाम करेंगे होंगे। इसके लिए रेलवे से प्लान मांगा था, जो कई बार निरस्त किया गया। 6 महीने पहले नए सिरे से रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त सर्वे कर प्लान तैयार किया। जिसे स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने मंजूरी देकर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा था। नेशनल वाइल्ड लाइफ ने 27 मार्च को प्लान पर चर्चा कर अंतिम स्वीकृति दे दी।

फैक्ट फाइल

  • 138 किमी लंबी है भोपाल-बीना तीसरी लाइन
  • भोपाल से बीना के बीच काम पूरा, ट्रेनें भी दौड़ रहीं
  • 98 किमी लंबी है भोपाल से इटारसी के बीच तीसरी लाइन
  • भोपाल-इटारसी तीसरी लाइन का काम 40 फीसदी पूरा (बरखेड़ा-बुदनी सेक्शन को छोड़कर)
  • 32 किमी है बरखेड़ा-बुदनी का सेक्शन
  • 27 मार्च को बरखेड़ा-बुदनी के बीच तीसरी लाइन को दी गई स्वीकृति
  • 05 साल लगेंगे लाइन के निर्माण में

दो साल में 4 बाघ व 4 तेंदुए गंवा चुके हैं जान

अभी बरखेड़ा से बुदनी के बीच अप-डाउन के दो ट्रैक हैं। दोनों पर बीते दो साल में 4 बाघ व 4 तेंदुए ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा दूसरे वन्यप्राणियों की भी मौत हुई है। पहले इस लाइन को अनुमति मिल जाती तो अभी तक काम पूरा हो जाता। लेकिन अब भी काम शुरू होने में कम से कम एक साल लगेंगे। तब तक और वन्यप्राणियों की जान जा सकती है।

स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने इन शर्तों पर दी थी अनुमति

- वन्यप्राणियों के लिए ट्रैक पार करने 21 अंडरपास, 3 ओवरपास, 9 स्थानों पर चेनलिंग फेंसिंग व 20 कटिंग क्षेत्रों में चेनलिंग फेंसिंग करनी होगी।

- लाइन के निर्माण में जो पेड़ काटेंगे, उनके बदले 10 गुना पौधारोपण करना होगा।

- 25 चयनित स्थलों के 100 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड लगाने होंगे। लोको पायलटों को सेक्शन से गुजरते समय हार्न बजाना होगा।

- जंगल में वन्यप्राणियों को पानी उपलब्ध कराने ट्रैक की खुदाई से निकलने वाली मिट्टी से गडरिया नाले पर डैम बनाना होगा। लाइन के आसपास पानी की उपलब्धता करानी होगी।

- ट्रैक के आसपास पेंट्रीकार से फेंकी जाने वाली खाद्य सामग्री पर रोक लगानी होगी, यात्रियों में भी जागरूक करना होगा।

- तीसरी लाइन के लिए बनाई जाने वाली टनल के अंदर वन्यप्राणी प्रवेश न कर सकें, इसके लिए स्वचलित सायरन व हूटर लगाने होंगे।

बोर्ड ने अनुमति दी

नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने बरखेड़ा-बुदनी के बीच तीसरी लाइन के निर्माण को अनुमति दे दी है। अनुमति किन शर्तो के साथ दी है, इसका ब्यौरा नहीं आया है - आलोक कुमार, एपीसीसीएफ वन्यप्राणी विभाग, मप्र

पहले शर्तों को समझेंगे

तीसरी लाइन के निर्माण को अनुमति तो मिली है, लेकिन निर्माण किन-किन शर्तों पर होना है, इसकी फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट को समझने के बाद काम शुरू करेंगे - शोभन चौधुरी, डीआरएम, भोपाल रेल मंडल
 

Source:Agency