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सऊदी अरबः फैशन शो में मॉडल्स की जगह ड्रोन से किया गया प्रदर्शन

By Mantralayanews :08-06-2018 08:05


जेद्दाह. सऊदी अरब में प्रिंस सलमान के ‘विजन 2030’ के तहत महिलाओं के अधिकार और आजादी का दायरा बढ़ाने की कोशिशों की बातें की जा रही है। हालांकि, इसी बीच यहां के जेद्दाह शहर में रखा गया एक फैशन शो सोशल मीडिया पर मजाक का मुद्दा बन गया है। दरअसल, इसमें डिजाइनर कपड़ों के प्रदर्शन के लिए महिला मॉडल्स के बजाय ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इस शो का एक वीडियो हाल ही में ट्विटर पर डाला गया है, इसमें कपड़े टांगे ड्रोन्स को सैकड़ों लोगों के बीच हॉल में उड़ते दिखाया गया है। वीडियो के सामने आने के बाद से ही लोगों ने इस पर कई कमेंट्स किए हैं।

रमजान के दौरान ड्रोन्स का इस्तेमाल ही बेहतर

- बीबीसी अरबी को दिए इंटरव्यू में फैशन शो के एक ऑर्गनाइजर अली नबील अकबर ने कहा कि खाड़ी देश में इस तरह का शो अपने आप में पहला था। इसकी तैयारी में दो हफ्ते का समय लगा।
- अली ने कहा कि ड्रोन से कपड़े दिखाने का उनका फैसला काफी अच्छा था, क्योंकि रमजान के महीने में यही सबसे बेहतर था। इसके लिए ऑर्गनाइजर्स को काफी सोचना भी पड़ा था।

देश के पहले फैशन शो में भी हुआ था विवाद
- बता दें कि सऊदी अरब के इतिहास में इसी साल पहली बार फैशन शो का आयोजन किया गया था। हालांकि, इसमें भी कड़े नियमों की वजह से विवाद हुआ था। शो के लिए आईं मॉडल्स को सिर्फ महिला दर्शकों के सामने ही कैटवॉक करने की इजाजत थी। इसके अलावा ड्रेस के साइज और डिजाइन को लेकर भी कुछ मानक बनाए गए थे।

महिलाओं के कपड़ों पर भी हैं देश में कई नियम
- सऊदी अरब में पारंपरिक तौर पर महिलाओं के कपड़े पहनने को लेकर कई तरह के नियम हैं। सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को यहां खुद को अबाया से ढकना पड़ता है। कई महिलाएं खुद को ढकने के लिए हिजाब या फिर नकाब का भी इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, देश की फैशन सिटी होने की वजह से जद्दाह में इन नियमों की छूट है।

कुछ कड़े नियमों में दी गई छूट
- सऊदी अरब के किंग सलमान के बेटे प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के क्राउन प्रिंस बनने के बाद से ही देश में बदलावों का दौर जारी है। यहां महिलाओं पर लागू कई कड़े नियमों में या तो छूट दी गई है या उन्हें खत्म कर दिया गया। - महिलाओं पर लगे ड्राइविंग बैन को भी अब सऊदी शासन ने खत्म कर दिया है। हाल ही में इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना भी शुरू किया गया है। यानी महिलाएं अब आजादी के साथ सड़कों पर कार चला सकेंगी। 
- इसके अलावा उन्हें खुद अपनी मर्जी से अपना बिजनेस शुरू करने और उसे चलाने का हक भी दिया गया है। इससे पहले महिलाओं को इस काम के लिए अपने पति या दूसरे पुरुष संबंधियों की इजाजत लेनी पड़ती थी।


विजन 2030 का असर
- सऊदी अरब की गिनती दुनिया के सबसे कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए पाबंदियां बहुत ज्यादा और सख्त हैं। 
- बता दें कि क्राउन प्रिंस सलमान के उदार इस्लाम अपनाने के फैसले से पहले सऊदी इकलौता ऐसा देश था जहां महिलाओं की ड्राइविंग पर रोक थी और स्टेडियम में उनका प्रवेश बंद थी।
- हालांकि, विजन 2030 के तहत देश में सामाजिक और आर्थिक सुधार किए जा रहे हैं। इसी वजह से यहां ज्यादातर पाबंदियों और नियम-कायदों में ढील दी जा रही है।
 

Source:Agency