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अपने शौक को दीजिये एक नया आयाम 

By Mantralayanews :11-06-2018 06:50


किसी ने सही कहा है जहां चाह, वहां राह
 

कुछ लोग बड़े भाग्यशाली होते हैं, जो अपनी नौकरियों से प्यार करते हैं, हम में से कई ने अवसर, स्थिरता, सुविधा या लाभ के आधार पर हमारे वर्तमान करियर के फैसले लिए हैं। जबकि, एक ही स्थिति में बने रहने के लिए ये सही कारण भी हैं। लेकिन, ये सब आपकी पसंदीदा नौकरी की तुलना में आपको संतुष्ट नहीं कर सकते! इसका मतलब है कि आप अपनी नौकरी से वास्तव में प्यार करते हैं।
अपना आदर्श पेशा ढूंढना काश उतना आसान होता, जितना कि आप खुद से कुछ पूछना पसंद करते हैं? यदि आपका जवाब आपके शौक में से एक है और 10 में से 7 नौकरी से जुड़ा नहीं है, तो हो सकता है कि यह आपके शौक को कैरियर में बदलने के बारे में सोचने का सही समय है! 
जैसा कि आप सभी ने 3 इडियट्स फिल्म में देखा होगा, जिसमें हर कोई ज्यादा वेतन पाने की गलाकाट प्रतिस्पर्धा कर रहा है। लेकिन, फिल्म के 3 इडियट्स जो कि फिल्म के हीरो हैं, उन्हें अपने शौक को करियर में बदलने से संतुष्टि मिली।
इस तरह के नायक में से एक हैं राकेश वर्मा जिसके बारे में हम आज बात कर रहे हैं। वे शांतिमन और वेडिंगमामा के संस्थापक हैं। उनके अनुसार मुझे सड़क के किनारे लगी मूर्तियों से प्रेरणा मिली, कि क्यों केवल नेताओं और प्रसिद्ध लोगों की ही मूर्तियां बनती हैं? आम आदमी के पास छोटे रूप (मिनी फॉर्म) में अपनी खुद की मूर्ति क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने पहली बार श्री एपीजे कलाम का एक छोटी मूर्ति बनाई, और अब वे इंदौर में स्थित एक क्रिएटिव एजेंसी शांतिमन के मालिक हैं। उनकी उपलब्धियों में एक एजेंसी वेडिंगमामा भी है, जो शादियों की प्लानिंग करती है और फोटोग्राफी के लिए भी सेवा देती है। 
आज राकेश वर्मा एक प्रसिद्ध मूर्तिकार, क्रिएटिव डायरेक्टर, आर्ट डायरेक्टर, डिजाइनर और फोटोग्राफर हैं। वे शादी के इवेंट्स से लगाकर व्यक्तिगत उपहार देने तक के लिए आर्ट की एक लम्बी श्रृंखला उनके पास है। उनके पास अपने ग्राहकों को बेहतरीन सेवा देने के लिए समर्पित साथियों की एक पूरी टीम है। उन्हें गॉड गिफ्टेड प्रतिभा के रूप में भी जाना जाता है, यही कारण है कि लोग उन्हें उसे रक्रित कहते थे। उन्होंने सफलतापूर्वक अपने जुनून को अपने पेशे में बदल दिया है और अपने पसंदीदा काम का भरपूर आनंद लिया। 
दुनिया में कोई भी अपने शौक का प्रयोग करके हुए कभी थकता नहीं है। क्योंकि, शौक ही हमें क्रिएटिव बनाता हैं, हमें खुश और संतुष्ट महसूस कराता है। यदि किसी को अपने पसंदीदा काम को करियर बनाने के लिए कहा जाए तो वह व्यक्ति अपना 100 फिसदी दे सकता है। तो क्यों पैसे कमाने के लिए, एक नीरस नौकरी पाने के लिए गलाकाट प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बना जाए? इसके बजाए अपनी प्रतिभा, शौक, जुनून और प्यार की पहचान करें और सफल और संतुष्ट व्यक्तित्व बनने के लिए अपने करियर के दरवाजे पर उन सभी का स्वागत करें।
 

Source:Agency