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Date 22-06-18

रिंकू खनूजा की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार

By Mantralayanews :13-06-2018 08:51


रायपुर। रिंकू सिंह खनूजा कथित सुसाइड केस में पुलिस को अब फॉरेंसिक (बिसरा) जांच रिपोर्ट का इंतजार है। दरअसल रिंकू के परिजन सीबीआई पर रिंकू को प्रताड़ित करने के आरोप के साथ ही इसे खुदकशी के बजाय हत्या करार दे रहे हैं, लिहाजा पुलिस भी मामले को तूल पकड़ते देखकर गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि अभी तक परिजनों ने सिविल लाइन पुलिस को लिखित शिकायत नहीं दी है। ऐसे में पुलिस भी हत्या के आरोपों पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग का हवाला देकर खारिज कर रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ऑटो मोबाइल कारोबारी रिंकू सिंह खनूजा ने खुदकशी करने से पहले पारिवारिक वॉट्स एप ग्रुप में खुदकशी करने का मैसेज भेजा था, लेकिन इसके पीछे की वजहों का खुलासा नहीं किया। पुलिस को संदेह है कि रिंकू ने सुसाइड नोट जरूर लिखा होगा, लेकिन अभी तक उसके हाथ ऐसा कोई दस्तावेज नहीं लगा है, जिसमें खुदकशी की वजह साफ हो सके।

कहां गायब हो गई डायरी

परिजनों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि ऑटो मोबाइल दफ्तर में फांसी के फंदे पर रिंकू के लटके शव के पास टेबल पर एक डायरी पड़ी थी। उस डायरी पर परिजनों की नजर पड़ी थी, लेकिन शव को फंदे से उतारने, अस्पताल भेजने में व्यस्त होने के कारण किसी का ध्यान डायरी पर नहीं गया और इसी बीच डायरी गायब हो गई। यह डायरी पुलिस के हाथ भी नहीं लगी है। डायरी कहां और किसके पास है, फिलहाल साफ नहीं है।

डायरी में खुदकशी का राज

गायब डायरी को लेकर कई तरह की चर्चा है। रिंकू खनूजा को नजदीक से जानने वालों का कहना है कि रिंकू लेजर बुक के अलावा अपनी जेब में एक छोटी डायरी रखता था, जिसमें वह लेन-देन का प्रॉपर्टी, ब्याज आदि का सारा हिसाब-किताब लिखकर रखता था।

हालांकि दुकान का हिसाब-किताब कर्मचारी लेजर बुक में लिखते थे, लेकिन डायरी में मोटे तौर पर रिंकू इसलिए लिखकर रखता था कि वसूली के लिए दुकान से बाहर जाने पर किसी तरह की गड़बड़ी या भूल न हो। संदेह जताया जा रहा है कि गायब डायरी में खुदकशी का राज जरूर लिखा होगा लिहाजा पुलिस उस डायरी की तलाश कर रही है।

जब्त दस्तावेज से नहीं मिली जानकारी

पुलिस के अनुसार घटनास्थल से जब्त किए गए ढेरों दस्तावेज, कम्प्यूटर, मॉनिटर, दो मोबाइल आदि को खंगाला गया लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। पैटर्न लॉक होने से मोबाइल भी नहीं खुला, जबकि दूसरा पुराना मोबाइल कई महीने से बंद था। दोनों के कॉल डिटेल निकालकर कुछ नंबरों को चिन्हांकित किया गया है।

वहीं पैटर्न लॉक मोबाइल का डाटा रिकवर करने उसे हैदराबाद साइबर लैब भेजा जा चुका है। लैब की जांच रिपोर्ट आने पर ही मोबाइल में कैद राज खुलने की उम्मीद है। घटनास्थल पर रिंकू खनूजा के परिवार के अलावा आसपास के लोग भी भीतर दाखिल हो गए थे। वहां रखी कई चीजों को लोगों ने हाथ भी लगाया था, लिहाजा वहां से कई लोगों के फिंगर और फुट प्रिंट मिलने से पुलिस की परेशानी बढ़ गई।
 

Source:Agency