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MP में कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में इंतजार

By Mantralayanews :11-07-2018 07:39


रायपुर। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक साथ विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव को केवल चार माह ही रह गए हैं। चुनाव को देखते हुए मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई, जबकि छत्तीसगढ़ के नेताओं को कार्यकारिणी की सूची आने का इंतजार है। यहां के नेताओं की बैचेनी इसलिए और बढ़ गई है, क्योंकि मध्यप्रदेश में डेढ़ माह पहले ही कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और वहां की सूची आ गई।

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल को प्रदेश कमेटी की कमान सौंपे चार माह हो चुके हैं, उसके बाद भी यहां अब तक कार्यकारिणी का अता-पता नहीं है। हालांकि, पार्टी के सूत्र बता रहे हैं कि अब जल्द घोषणा हो सकती है।

पिछले महीने पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया यहां आए थे, उसने प्रदेश अध्यक्ष बघेल के सामने प्रदेश कार्यकारिणी के बारे में पूछा गया। मीडिया के सवाल का जवाब देने की बजाय, बघेल हंसकर अपनी जगह से हट गए थे और पुनिया भी हंस पड़े थे।

उसके बाद पुनिया ने कहा था कि इतनी जल्दी क्या है, समय आएगा तो प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को यही समझ नहीं आ रहा, कि समय कब आएगा? मध्यप्रदेश में 26 अप्रैल को कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए, अभी चार दिन पहले वहां की जम्बो प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी गई। कार्यकारिणी में 19 उपाध्यक्ष, 25 महामंत्री, 40 सचिव की नियुक्ति की गई है।

इधर, बघेल को चार मार्च को छत्तीसगढ़ कांग्रस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बघेल लगातार दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इस कारण पार्टी के भीतर का समीकरण और वरिष्ठ नेताओं की क्षमता की इन्हें पूरी जानकारी है।

ऐसी स्थिति में प्रदेश कार्यकारिणी बनाने में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। लेटलतीफी का कारण न प्रदेश प्रभारी बता रहे हैं और न ही प्रदेश अध्यक्ष। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को इस बात की आशंका है कि प्रदेश कार्यकारिणी की सूची आते ही पार्टी का माहौल खराब हो सकता है।

जम्बो होगी प्रदेश कार्यकारिणी

छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश से बड़ी प्रदेश कार्यकारिणी हो सकती है। अभी यहां कार्यकारिणी में 80 नेता हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल होने के कारण लगभग सौ नेताओं को कार्यकारिणी में ले सकते हैं, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा नेताओं को संतुष्ट करने की कोशिश होगी।
 

Source:Agency