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Date 24-10-18

टैफे ने लॉन्च किया मुफ्त ट्रैक्टर रेंटल प्लेटफॉर्म : jfarmservices

By Mantralayanews :05-10-2018 06:34


 

●    छोटे और सीमांत किसानों के समर्थन के लिए टैफे की सामाजिक पहल कदमी
●    किसान-से-किसान मॉडल (एफ2एफ)
●    किसान किराये पर ट्रैक्टर और उपकरणों के सभी ब्रांडों की पेशकश कर सकते हैं
●    ग्रामीण उद्यमिता में मदद करता है और किसानों के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा करता है

24 सितंबर, 2018  नई दिल्ली, भारतरू भारत के दूसरे सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता टैफे (ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड) ने अपनी सी.एस.आर.(सामाजिक) पहल कदमियों - श्जेफार्म सर्विसेजश् और श्जेफार्म सर्विसेज ऐपश् के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की घोषणा की है। इस नयी पहलकदमी के साथ, टैफे भारतीय किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित साझेदारी वाली अर्थव्यवस्था के लाभ प्रदान करता है। यह ऐपकिसानों को ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि मशीनरी लेने के लिए मुफ्त सुविधा प्रदान करता है। अपने मौजूदा ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराए पर देने वाले किसानों मुफ्त जेफार्म सर्विसेज ऐप के ष्किसान-से-किसान मॉडलष् (एफ2एफ) के माध्यम से इन उपकरणों को किराये पर लेने के इच्छुक किसानों से सीधे मुफ्त में जोड़ दिया जाता है। यह ऐप उनको किसान उद्यमियों से संपर्क करने, किराये की कीमतें तय करने और अपनी संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है।

हालांकि कृषि क्षेत्र में लगभग 65 प्रतिशत भारतीय काम कर रहे हैं, फिर भी भारत की कृषि उपज वैश्विक और उभरते बाजार औसत से पीछे है। 20 करोड़ से अधिक भारतीय किसानों के पास मशीनीकृत उपकरणबहुत कम हैं या उन तक उनकी कोई पहुंच नहीं है। उत्पादकता और कृषि आय में एक आदर्श परिवर्तन लाने के लिए किए गए किसी भी प्रयास को छोटे किसानों पर केंद्रित करना होगा, जो भारत की 86 प्रतिशत कृषि भूमि के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत भर में भूमि के छोटे खंड रखने वाले किसान अब अपनी उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए अत्याधुनिक कृषि उपकरण किराए पर ले सकते हैं। जेफार्म सर्विसेज ऐप, और ट्रैक्टर और उपकरण मालिकों द्वारा संचालित होने वाले ऑन ग्राउंड कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों को पारदर्शी तरीके से किफायती कृषि मशीनीकरण सेवाएं प्रदान करेंगे। जेफार्म सर्विसेजकी शुरुआत में ही मिली अपार सफलता के साथ, टैफे जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म को चलाने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

जेफार्म सर्विसेज के शुरुआती पायलट योजना में मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश हैं, जो लगभग 60,000 उपयोगकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाता है और जिसके परिणामस्वरूप 100,000 से अधिक ऑर्डर हो चुके हैं, जिसमें किराए पर कृषि मशीनरी के उपयोग के लगभग 250,000 घंटे शामिल होते हैं।

टैफे की चेयरमैन और सीईओ सुश्री मल्लिका श्री निवासन ने बताया कि ष्देश भर में कृषि उपकरण रेंटल प्लेटफॉर्म - जेफार्म सर्विसेज दृ सामाजिक पहलकदमी है जो विश्व में खेती को बढ़ावा देने के प्रतिटैफे के    दृष्टिकोण “कल्टिवेटिंग द वर्ल्ड”और भारतीय किसानों के आर्थिक कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से जुड़ी है। जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म कृषि मशीनीकरण से सम्बंधित समाधानों तक, किराये के लिए मुफ्त, पहुंच प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करता है और कृषि उत्पादकता और छोटे एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ एक व्यावहारिक ग्रामीण उद्यमशीलता मॉडल बनाने का अवसर प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ हमारा उद्देश्य उन लाखों किसानों तक पहुंचना है जिनकी पहुंच कृषि मशीनीकरण और आधुनिक तकनीक तक नहीं है, साथ ही, 2022 तक कृषि आय को दोगुनी करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने में तेजी लाना है।ष्

टैफे के अध्यक्ष और सीओओ श्री टीआर केसवन ने कहा कि ष्टैफे काजेफार्म सर्विसेज एक पारदर्शी किसान-से-किसान प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जो किसी अदृश्य शुल्क या कमीशन से मुक्त है, जो सक्षम उद्यमियों को किसी भी ब्रांड के अपने मौजूदा ट्रैक्टर और उपकरणों को उन किसानों को किराए पर लेने में सक्षम बनाता हैजो अपनी कृषि आय को बढ़ाने के लिए आधुनिक विशेषताओं वाले उत्पाद किराए पर लेना चाहते हैं। जेफार्म सर्विसेज गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले छोटे और सीमांत किसानों के बीच कृषि मशीनीकरण बढ़ाने के उद्देश्य से अनुकूलित समाधान प्रदान करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिल कर कार्य कर रहा है।ष्

किसान टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-4-200-100 पर फोन करके, स्थानीय कस्टम हायरिंग सेंटर से संपर्क करके या जेफार्म सर्विसेज एंड्रॉइड ऐप के माध्यम से उपकरण किराए पर ले सकते हैं। इस ऐप का उपयोग कम लागत वाली एंड्रॉइड फोन पर किया जा सकता है और इसे बहुत कम डेटा पर चलाने के लिए बनाया किया गया है। जिन किसानों के पास स्मार्ट या फीचर फोन नहीं हैं, वे टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म समय-समय पर बिना किसी शुल्क के स्थानीय मौसम, बाजार, कृषि-समाचार और मंडी की कीमतों के बारे में अपडेट भी प्रदान करता है।

जेफार्म के बारे में:  jfarmservices

टैफेने 1964 में चेन्नई (तमिलनाडु) में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और भारत की बढ़ती खाद्य मांगों को पूरा करने के लि, उन्नत  कृषि प्रौद्योगिकियों के साथ किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जेफार्म इंडिया की स्थापना की थी। पिछले कुछ वर्षों में, जेफार्म ने पानी की सीमित उपलब्धता से लेकर कृषि लागत और श्रमिकों की कमी में जैसी कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों में काम किया है और एक व्यावहारिक और टिकाऊ मॉडल विकसित किया है जो कृषि उत्पादकता, लाभ प्रदता और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने में योगदान देता है। नवंबर 2016 में, राजस्थान के झालावाड ़जिले के भवानी मंडी में एक उन्नत कृषि अनुसंधान केंद्र जेफार्म राजस्थान का उद्द्याटन किया। कंपनी ने पूरे राज्य में छह अंचलों में कस्टम हायरिंग सेंटर  (सी.अच.सी.) स्थापित करने के लि, राजस्थान सरकार के साथ सहमति i¾ पर भी हस्ताक्षर किया है।

टैफे के बारे में:tafe-com

निर्माण क्षमता और सालाना 1,50,000 ट्रेक्टरों की बिक्री के साथ टैफेविश्व का तीसरा औरे भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेक्टर विनिर्माता है, टैफे 1.3 बिलियन अमरीकी डॉलर वाले कारोबार के साथ भारत के अग्रणी ट्रेक्टर निर्यातकों में से एक है। 

टैफेएयर-कूल्ड और वाटर-कूल्ड प्लेटफार्म दोनों में ट्रेक्टरों का विनिर्माण करता है और इन्हें अपने चार प्रतिष्ठित ब्रांड - मैसी फर्ग्यूसन, टैफे, आयशर और हाल में अधिप्राप्त सर्बियन ट्रैक्टर और कृषि उपकरण ब्रांड Industrija Mašina i Traktora (आई.एम.टी) के अंतर्गत इनका विपणन करता है। टैफेकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण इसके उत्पाद और सेवाएं दुनिया भर के 100 से भी अधिक देशों में मौजूद है जिसमें अमेरिका और यूरोप के विकसित देश भी शामिल हैं। 

टैफे की अनुकूल कृषि अनुसंधान केंद्र “जेफार्म” ने एकीकृत कृषि पद्धतियों का एक प्रतिमान विकसित किया है जो छोटे और बड़े खेतों दोनों के लिए उपयुक्त है और जिससे उत्पादकता बढ़ रही है। कृषि को अधिक सतत और लाभकारी बनाने के लिए यह पोषक तत्वों के प्रबंधन की एक संतुलित पद्धति अपनाता है जिसमे निम्न लागत कृषि निवेश निर्माण पर बल दिया गया है और जो यंत्रीकरण, परीक्षित मिट्टी और जल प्रबंधन पद्धतियों, उचित शस्य और बीज का चुनाव, उन्नत शस्य उत्पादन और सुरक्षा प्रोद्योगिकियों द्वारा समर्थित है।

ट्रैक्टर और कृषि मशीनों के अलावा, टैफेडीजल इंजन, साइलेंट जेनसेट, बैटरियां, हाइड्रोलिक पम्प और सिलिंडर, गियर और ट्रांसमिशन के पुर्जे भी बनाता है और वाहनों की शाखा प्रचालनों और प्लांटेशन के व्यवसाय में भी रूचि रखता है। टैफे सकल गुणवत्ता (TQM) के प्रति कटिबद्ध है। हाल ही में टैफे के कई विनिर्माण संयंत्रों को जापान संयंत्र रखरखाव संस्था (श्रप्च्ड) के तरफ से कई ‘TPM उत्कृष्टता पुरस्कार’ मिले हैं, और साथ ही ज्च्ड उत्कृष्टता के लिए कई अन्य स्थानीय पुरस्कार भी मिले हैं। 2018 में टैफे फ्रॉस्ट और सलिवन ग्लोबल विनिर्माण अग्रणी पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय ट्रैक्टर विनिर्माता बना और ‘उद्यम समेकन एवं प्रोद्योगिकी अग्रणी पुरस्कार’ और दो ‘आपूर्ति श्रृंखला अग्रणी पुरस्कार’ से मान्यता प्रदान किया गया है। अभियांत्रिकी निर्यातों के प्रति इसके विशेष योगदान को मान्यता प्रदान करते हुए, टैफे को लगातार 21वीं बार 40वीं भारतीय अभियांत्रिकी निर्यात प्रोन्नति परिषद् - दक्षिणी क्षेत्र पुरस्कार (2015-16) में ‘स्टार परफॉर्मर दृ बड़ी उद्योग (कृषि ट्रैक्टर)’ का खिताब मिला है। टैफे को टोयोटा मोटर कंपनी, जापान के तरफ से गुणवत्ता आपूर्तियों के लिए ‘क्षेत्रीय योगदानकर्ता पुरस्कार’ और द्वितीय एशिया विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला सम्मेलन में वर्ष 2013 में अपने आपूर्ति श्रृंखला के रूपांतरण के लिए ‘विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला परिचालन उत्कृष्टता दृ ऑटोमोबाइल पुरस्कार’ से भी नवाजा गया है। टैफे के ट्रैक्टर संयंत्रों को दक्ष गुणवत्ता प्रबंधन तंत्रों के लिए ISO9001 और पर्यावरण अनुकूल परिचालनों के लिए ISO 14001 के अधीन प्रमाणित किया गया है

Source:Agency