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Date 22-10-18

बैंक के आठ ताले तोड़े, नौवां नहीं टूटा तो बच गए 600 लॉकर

By Mantralayanews :09-10-2018 08:14


भोपाल। बीएचईएल कारखाने के स्वर्ण जयंती द्वार के सामने बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में रविवार- सोमवार की दरमियानी रात एक बजे चोरी की कोशिश हुई। आरोपित मेन गेट से कूदकर अंदर पोर्च में आए। पकड़ में न आए इसलिए कुल आठ सीसीटीवी में से चार नाइट विजन कैमरों पर टार्च चमकाकर लाल रंग का स्प्रे कर दिया।

बैंक के मेन गेट से अंदर लॉकर रूम तक आठ तालों को तोड़ा, दराज खंगाले। यही नहीं तारों को काटकर अलार्म और सर्वर सिस्टम को भी फेल कर दिया, लेकिन बैंक लॉकर की अलमारी में सेंध नहीं लगा पाए। इस तरह वे बैंक से एक धेला भी नहीं ले जा पाए। आरोपित दो बताए जा रहे हैं। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना के कारण सोमवार को बैंक में दिनभर कामकाज नहीं हो पाया। बैंक के करीब दस हजार खाता धारक हैं।

पिपलानी थाने के टीआई राकेश श्रीवास्तव के अनुसार इंद्रपुरी में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है। इसके प्रबंधक प्रभात भटनागर ने सोमवार सुबह साढ़े दस बजे बैंक में चोरी की कोशिश होने की जानकारी दी थी। इससे पहले सुबह 8 बजे साफ-सफाई करने वाली महिला बैंक में गई थी। तब बैंक के शटर आधे खुले थे। यह देखकर महिला बैंक के सामने किराने के दुकान पर गई। दुकान के मालिक संजय के पास बैंक के मैनेजर भटनागर का नंबर है। उन्होंने फोन लगाकर घटना की जानकारी दी। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने बैंक के गेट से लेकर लॉकर रूम तक आठ ताले तोड़े लेकिन चोरी नहीं कर पाए।

इसलिए नहीं हो पाई चोरी

सेना से रिटायर्ड और बैंक के सुरक्षा गार्ड राशिद खान अफरीदी ने बताया कि आरोपित लॉकर रूम तक घुस गए थे। लेकिन वहां वे लॉकर की अलमारी के तोल को एक इंच ही काट पाए, जबकि उस में तीन बड़े ताले हैं। इस अलमारी में करीब छह सौ ग्राहकों के लॉकर हैं।

रोज साढ़े तीन सौ वाउचर होते हैं जमा

बैंक में रोजाना सैकड़ों ग्राहक आते हैं। इस दौरान लेनदेन के साढ़े तीन सौ तक के वाउचर जमा होते हैं। बैंक में रोजाना कितना लेनदेन होता है, इसकी जानकारी मैनेजर ने सुरक्षा का हवाला देकर नहीं दी है।

रेकी कर वारदात करने की आशंका

बैंक में वारदात रेकी कर अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, आरोपितों को पता था कि बैंक में कुल आठ कैमरों में से 4 नाइट विजन हैं। इसलिए उन्होंने स्प्रे कर इन्हें बेकार कर दिया। ऐसा लग रहा है कि उन्हें पता था कि बैंक में रात के समय सुरक्षा गार्ड नहीं रहता है। बैंक में 15 कर्मचारियों का स्टाफ है, जिसमें 5 अफसर, 7 कैशियर , एक सब स्टाफ , एक हैड दफ्तरी और 3 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अलग से हैं।

सीसीटीवी में आरोपितों की छाया

सीसीटीवी से फुटेज मिले हैं उनकी टार्च की रोशनी नजर आ रही है। जिसमें आरोपित की छाया है। दो व्यक्ति धुंधले नजर आ रहे हैं। जो शर्ट के ऊपर लंबा कैप (हुड) लगाए हैं।
 

Source:Agency