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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के मुनाफे में 40% की गिरावट

By Mantralayanews :06-11-2018 08:48


नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुनाफे में भारी गिरावट आई है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 40.26 फीसद कम होकर 944.87 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 1,581.55 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। तिमाही आधार पर देखा जाए तो बैंक घाटे से उबरने में सफल रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक को 4,876 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

हालांकि इस तिमाही में बैंक की एसेट क्वॉलिटी में सुधार आया है। बैंक का ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (जीएनपीए) पिछले साल की समान तिमाही के 10.69 फीसद से कम होकर 9.95 फीसद हो गया। वहीं एनपीए के मोर्चे पर भी बैंक की हालत में सुधार हुआ है। बैंक का एनपीए पिछले साल की समान तिमाही के 5.29 फीसद से कम होकर 4.84 फीसद हो गया।

आईएलएंडएफस में बैंक का 250 करोड़ रुपये आईएलएंडएफएस संकट के बाद से एनबीएफसी कंपनियों में बैंकों के कर्ज को लेकर आशंका की स्थिति बनी हुई है। नतीजे जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए एसबीआई के एमडी और सीईओ रजनीश कुमार ने कहा किआईएलएंडएफएस ग्रुप में एसबीआई का 250 करोड़ रुपये लगा हुआ है, जो हिस्सेदारी के रूप में हैं।

उन्होंने कहा, ‘आईएलएंडएफएस की 6 फीसद हिस्सेदारी बैंक के पास है।’ आईएलएंडएफएस के डिफॉल्ट होने के बाद नॉन बैंकिंग फाइनैंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) में बैंकों के कर्ज को लेकर चिंता की स्थिति बनी हुई है। एसबीआई ने कहा एनबीएफसी सेक्टर में उसकी 1.5 लाख करोड़ रुपये की पूंजी लगी हुई है, जिसमें सभी हाउसिंग फाइनैंस की कंपनियां शामिल हैं।

पीएनबी को भी हुआ घाटा इससे पहले चालू वित्त वर्ष की सितंबर में खत्म हुई दूसरी तिमाही में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 4,532.35 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। घाटे का प्रमुख कारण फंसे हुए कर्जे (एनपीए) का प्रॉविजनिंग (भरपाई करना) करना है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में पीएनबी ने कहा कि पिछली तिमाही में बैंक का घाटा 940 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में बैंक को 560 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

बैंक ने बताया कि फंसे हुए कर्जो (एनपीए) के लिए बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7,733 करोड़ रुपये, पहली तिमाही में 4,982 करोड़ रुपये तथा पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 2,964 करोड़ रुपये की प्रॉविजनिंग की थी।
 

Source:Agency