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Zika Virus: राजधानी में बढ रहे मरीज, किट खत्म होने से नहीं हो रही जांच

By Mantralayanews :09-11-2018 08:49


भोपाल। जीका वायरस के प्रदेश में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही एम्स भोपाल में जांच किट खत्म हो गई। किट खत्म होने की वजह से करीब तीन दिन जांच नहीं हो पाई। ऐसे में 50 मरीजों के सैंपल एम्स में इकठ्ठे हो गए।

किट आने पर बुधवार को नमूनों की एक साथ जांच की गई। इनमें 40 मरीज पॉजीटिव आए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। भोपाल से गुरुवार को एक दर्जन से ज्यादा मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इनकी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी।

गर्भवती महिलाओं का अलग से सर्वे

जीका वायरस गर्भवती महिला को ज्यादा खतरा रहता है। वायरस से प्रभावित होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे का सिर छोटा हो जाता है। उसे अन्य दिमागी बीमारियों भी हो सकती हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं का अलग से सर्वे किया जा रहा है। अब तक करीब 100 गर्भवती महिलाओं का सर्वे किया गया है। हालांकि इनमें बुखार से पीड़ित 2 ही हैं।

विशेषज्ञों ने कहा-डरने की जरूरत नहीं

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इमरजेंसी मेडिकल रिस्पांस टीम के डायरेक्टर डॉ. पी रवींद्रन ने कहा कि जीका बुखार से डरने की जरूरत नहीं है। यह साधारण बीमारी है। समय पर इलाज मिल जाए तो आसानी से ठीक हो जाती है।

शहर में हर दिन डेंगू, चिकनगुनिया के 15-20 मरीज आ रहे हैं। इसके बाद भी जिले में इन दिनों कोई महामारी विशेषज्ञ (एपडिमोलॉजिस्ट) नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक जिले की महामारी विशेषज्ञ डॉ. रश्मि जैन बीमार हैं। इस वजह से वे करीब हफ्ते भर से ऑफिस नहीं आ रही हैं। उनका काम किसी और को भी नहीं सौंपा गया है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।

बता दें कि महामारी विशेषज्ञ का काम महामारी प्रभावित इलाकों का दौरा करना, रोकथाम के उपाय में तकनीकी सहयोग देने का होता है। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. सुधीर जेसानी ने कहा कि एपडिमोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि जैन ने बीमारी की मौखिक सूचना दी है। बीमारी की हालत में कैसे काम कराया जा सकता है।

मेडिकल बोर्ड की अनुमति से दी जा सकती है छुट्टी

जिला प्रशासन ने आचार संहिता के चलते सभी कर्मचारियों की छुटि्यां निरस्त कर दी हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बीमारी की हालत में किसी को छुट्टी से नहीं रोका जा सकता, लेकिन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट जरूरी है।
 

Source:Agency