Breaking News

Today Click 901

Total Click 4044725

Date 18-12-18

ट्रेन के किराए में मिलती है छूट, फिर भी लाभ नहीं लेते डॉक्टर

By Mantralayanews :04-12-2018 08:00


रायपुर। रायपुर से पिछले एक साल रेलवे की छूट लेकर इक्का-दुक्का डॉक्टरों ने ही ट्रेन से सफर किया है। रेलवे चाहता है कि डॉक्टर सफर के लिए टिकट के किराए में छूट लें, पर डॉक्टर यह छूट लेने नहीं आते। दरअसल इस छूट को लेने वाले डॉक्टरों को ट्रेन में सफर के दौरान जरूरत पड़ने पर मरीजों का उपचार करना पड़ेगा। मरीजों का उपचार करने के लिए डॉक्टरों को अपने साथ सफर के दौरान किट लेकर चलना अनिवार्य है।

छूट लेने वाले डॉक्टर को सफर केदौरान यदि उपचार की जरूरत पड़ती है तो डॉक्टर उपचार करने के लिए बाध्य हैं। बाध्यता की वजह से राजधानी के रायपुर रेलवे स्टेशन से सफर करने वाले डॉक्टर छूट लेने से बचते हैं। रायपुर हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष का कहना है कि रेलवे की बाध्यता की वजह से डॉक्टर जानकारी देने से बचते हैं। रेलवे द्वारा प्रचार-प्रसार भी नहीं किया गया है। बहुत से डॉक्टरों को इसकी जानकारी नहीं है। वहीं रायपुर डीआरएम का कहना है कि हम इसकी जानकारी के लिए प्रचार-प्रसार करेंगे।

ज्ञात हो कि रायपुर रेलवे स्टेशन से एक दिन में कुल 70 हजार यात्री सफर करते हैं। इसमें भारी तादाद में डॉक्टर भी शामिल हैं। रेलवे द्वारा ट्रेन में किसी भी श्रेणी में यात्रा करने वाले डॉक्टर को किराए में 10 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए डॉक्टर को रिजर्वेशन फार्म पर सबसे ऊपर सही का निशान लगाकर ये बताना होता है कि वे चिकित्सक हैं। लेकिन रायपुर रेलवे स्टेशन पर पिछले एक साल में इस छूट का लाभ लेने वाले महज चार से पांच डॉक्टर ही सामने आए हैं।

रेलवे इस छूट का लाभ इसी शर्त पर देता है कि डॉक्टर को यात्रा के दौरान अपने साथ फर्स्ट एड बॉक्स रखना होगा। साथ ही ट्रेन में यदि किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधित कोई दिक्कत होती है तो उन्हें चिकित्सकीय मदद के लिए उपलब्ध होना होगा। ऐसे में कोई भी डॉक्टर यात्रा के दौरान इस प्रकार की जहमत नहीं लेना चाहता है। यही वजह है कि डॉक्टर पूरा किराया चुकता कर यात्रा करना ज्यादा पसंद करते हैं।

प्रतिदिन ट्रेन में बीमार होते हैं मरीज

रायपुर रेलवे स्टेशन के प्रबंधक ने बताया कि मुंबई हावड़ा मार्ग पर स्थित रायपुर रेलवे स्टेशन पर एक केश ट्रेन में यात्री के बीमार होने की आ रही है। ऐसे में कंट्रोल रूम के नजदीकी स्टेशन को सूचना दी जाती है।

ट्रेन जब रायपुर स्टेशन पर पहुंचती है तो यहां पर उसे एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी सरकारी अस्पताल में भेजकर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन गंभीर बीमारियों में समय पर उपचार नहीं मिलने पर कभी-कभी मरीज और उसके परिजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि ट्रेन में चिकित्सक की मौजूदगी का पता हो तो ऐसे रोगियों को समय पर उपचार देकर उनकी दिक्कत को दूर की जा सकती है।

- डॉक्टरों को 10 प्रतिशत छूट का लाभ मिलता है, लेकिन वे इसलिए बचते हैं, क्योंकि इसमें किट साथ में लेकर चलने की शर्त होती है। हालांकि इमरजेंसी होने पर यदि ट्रेन में डॉक्टर मौजूद होते हैं तो वे मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। - डॉ राकेश गुप्ता, अध्यक्ष हॉस्पिटल बोर्ड, रायपुर

- ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी है। यदि किसी को जानकारी नहीं है तो इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे सभी लोगों को इसकी जानकारी हो सके। - कौशल किशोर, डीआरएम, रायपुर रेलवे मंडल
 

Source:Agency