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दो साल से टीम इंडिया से बाहर गंभीर ने तीनों फॉर्मेट से संन्यास लिया

By Mantralayanews :05-12-2018 08:28


नई दिल्ली. गौतम गंभीर ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने ट्वीट कर इसका ऐलान किया। गंभीर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2016 में राजकोट में खेला था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नौ से 13 नवंबर तक खेले गए उस टेस्ट की पहली पारी में 29 रन बनाए थे, जबकि दूसरी में शून्य पर आउट हो गए थे। गंभीर ने भारत की ओर से 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।

भारी मन से लिया फैसला : गंभीर
गंभीर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सबसे कठिन फैसले अक्सर भारी मन से लिए जाते हैं। और एक भारी मन के साथ, मैं एक ऐसा ऐलान करने का फैसला किया है, जो मेरे जीवन का सबसे कठिन फैसला है।’

गंभीर ने इस संबंध में फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘2014 से ही मुझे लगने लगा था कि करियर खत्म होने वाला है। हालांकि, जोरदार मेहनत कर वापसी की कोशिश की, लेकिन जब इस साल आईपीएल में छह पारियों में फेल हुआ तब मन में संदेह नहीं रह गया था।

आंध्र प्रदेश के खिलाफ रणजी मैच गंभीर के करियर का आखिरी मैच होगा। गंभीर ने वीडियो में सभी फैंस, अपने कोच संजय भारद्वाज, पार्थसारथी शर्मा, जस्टिन लैंगर, नॉडी होल्डर, सभी क्यूरेटर्स, ग्राउंड्समैन और नेट गेंदबाजों का शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने टीम इंडिया, केकेआर, दिल्ली डेयरडेविल्स और दिल्ली की राज्य टीम के उन सभी कोचेस और साथी खिलाड़ियों का धन्यवाद दिया जिनके साथ काम किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों, माता-पिता, पत्नी, बच्चे, मामा-मामी, नानी, बहन और दोस्तों को भी धन्यवाद कहा।

गंभीर का टेस्ट में 40+ का औसत
गंभीर ने 58 टेस्ट में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए हैं। उनके टेस्ट में नौ और वनडे में 11 शतक हैं। टेस्ट में उनका हाइएस्ट 206 और वनडे में 150* रन है। टी-20 में वे एक भी शतक नहीं लगा पाए। इस फॉर्मेट में उनका हाइएस्ट 75 रन रहा।

37 साल के गंभीर ने अप्रैल 2003 में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। उसमें उन्होंने 11 रन बनाए थे। भारत वह मैच 200 रन से जीता था।

गंभीर ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत नवंबर 2004 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ की थी। उस मैच में भी वे खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में एक रन बनाया था।

उन्होंने अपना दूसरा टेस्ट नवंबर 2004 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला। कानपुर में हुए उस मैच में उन्होंने 96 रन की पारी खेली। गंभीर ने अपना पहला टेस्ट शतक दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ चिटगांव में लगाया था।

वनडे में पहले शतक के लिए गंभीर को 31 महीने इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने अपना पहला वनडे शतक छह नवंबर 2005 को अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ लगाया था। हालांकि, वह मैच श्रीलंका ने पांच विकेट से जीता था।

गंभीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10000+ रन बनाने वाले 13वें भारतीय हैं। उनसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीयों में सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़, विराट कोहली, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सुनील गावस्कर, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, वीवीएस लक्ष्मण, दिलीप वेंगसरकर हैं।

लगातार पांच टेस्ट शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय
गंभीर ने 2008 से 2010 के बीच लगातार 11 टेस्ट में कम से कम एक अर्धशतक जरूर लगाया। ऐसा कर उन्होंने विवियन रिचर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी की। रिचर्ड्स ने 1976-1977 के दौरान ऐसा किया था। उन्होंने 2009-2010 के दौरान लगातार पांच टेस्ट शतक लगाए। ऐसा करने वाले वे इकलौते भारतीय हैं।

टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर भी रहे
2009 में वे आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर भी पहुंचे। उन्होंने उस साल टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा चार शतक लगाए थे। उस साल उन्हें आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर की ट्रॉफी भी मिली थी।

गंभीर ने इसी दौरान टेस्ट में एक अहम पारी खेली। उन्होंने मार्च 2009 में नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ फॉलोऑन खेलते हुए 643 मिनट क्रीज पर बिताए और 137 रन बनाए और टीम इंडिया को हार से बचाया।

गौतम गंभीर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) की कप्तानी भी की। उन्होंने अपनी अगुआई में केकेआर को दो बार 2012 और 2014 में आईपीएल का चैम्पियन भी बनाया।

इस साल वे आईपीएल में वे दिल्ली कैपिटल्स (तत्कालीन दिल्ली डेयरडेविल्स) के साथ जुड़े। उन्होंने कुछ मैचों में टीम की कमान भी संभाली, फिर खुद ही कप्तानी छोड़ दी। हालांकि, बाद में फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया था।

गौतम गंभीर ने चार लगातार टेस्ट सीरीज में 300-300 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2008 में 27 वनडे खेले और भारत के लिए सबसे ज्यादा 1119 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल भारत की ओर से वनडे में सबसे ज्यादा तीन शतक भी लगाए थे।
 

Source:Agency