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कनाडा में चीनी स्मार्टफोन कंपनी हुवावे के संस्थापक की बेटी गिरफ्तार

By Mantralayanews :07-12-2018 07:32


कनाडा ने चीन की कंपनी हुवावे टेक्नॉलजीज की मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को गिरफ्तार किया है। उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा सकता है। विधि विभाग के प्रवक्ता इयान मैकलोएड ने बुधवार को बताया कि मेंग वानझोउ को ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर से 1 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका मेंग के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। 
चीन के कड़े तेवर 
चीन ने इस गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया, 'हमने अमेरिका और कनाडा, दोनों पक्षों से अधिकारी की गिरफ्तारी का कारण तुरंत स्पष्ट करने की मांग की है और व्यक्ति के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें तुरंत रिहा करने का आग्रह किया है।' 

हुवावे फाउंडर की बेटी 
गिरफ्तार सीएफओ मेंग वानझोउ कोई सामान्य महिला नहीं, बल्कि हुवावे के फाउंडर रेन जेंगफेई की बेटी और कंपनी बोर्ड की डेप्युटी चेयरपर्सन भी हैं। जेंगफेई चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में इंजिनियर रह चुके हैं। कहा जाता है कि उनका और उनकी कंपनी हुवावे का चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ मजबूत संबंध हैं। इतनी बड़ी अधिकारी की गिरफ्तारी का असर अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध (ट्रेड वॉर) को रोकने के हालिया ऐलान पर असर पड़ सकता है। हुवावे ने कहा कि कंपनी को नहीं लगता कि उन्होंने कुछ गलत किया है। 

क्यों हुई गिरफ्तारी? 
दिलचस्प बात यह है कि संयोग से मेंग की गिरफ्तारी उसी रात हुई है जब अर्जेंटिना में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग मिले थे। कनाडा के न्याय विभाग के मुताबिक मेंग की मांग पर उनसे जुड़े तथ्यों के प्रकाशन पर रोक लगी हुई है। उनकी जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। लेकिन, अमेरिका इस बात की जांच कर रहा है कि क्या हुवावे ने क्यूबा, सूडान, सीरिया और ईरान जैसे देशों पर लागू व्यापार नियंत्रण नियमों का उल्लंघन किया है। गौरतलब है की वॉल स्ट्रीट जर्नल ने वर्ष की शुरुआत में खबर दी थी कि अमेरिका चीनी कंपनी हुवावे द्वारा ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। 

क्या कहता है अमेरिकी कानून? 
न्यू यॉर्क स्थित हॉफ्स्ट्रा यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल के प्रफेसर जुलियन कू ने ट्विटर पर उस कानून की जानकारी दी जिसके आधार पर अमेरिका पाबंदियों का उल्लंघन करने वाली किसी विदेशी कंपनी पर कार्रवाई करता है। कू ने ट्वीट किया, 'अमेरिकी कानून अमेरिका में निर्मित तकनीक को किसी तयशुदा देशों को निर्यात करने से रोकता है। जब हुवावे किसी अमेरिकी तकनीक के लाइसेंस के लिए पेमेंट करती है, तो वह ईरान जैसे कुछ देशों को इसका निर्यात नहीं करने का वादा करती है। इसलिए, अमेरिका द्वारा हुवावे को अमेरिका कानून तोड़ने के लिए दंडित किया जाना अतार्किक नहीं है।' 

Source:Agency