मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की जिलावार मैपिंग की जाए। विश्वविद्यालय सहित अन्य शासकीय विभागों की खाली पड़ी जमीनों पर उद्यान विकसित करने तथा प्रदेश में पीपीपी मोड पर नर्सरी विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। प्रदेश के सभी जिलों में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर केंद्रित वर्कशॉप आयोजित कर जिलों के किसानों और उद्यमियों को अन्य जिलों में संचालित बेस्ट प्रैक्टिसेज से परिचित कराया जाए। साथ ही इन्वेस्टर समिट के समान प्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर समिट का आयोजन हो।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उद्यानिकी तथा खाद्य संस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा और मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में सीएम यादव ने हार्टिकल्चर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में इन्वेस्ट को बढ़ावा देने के लिए तय की गई पॉलिसी के आधार पर काम करने को कहा।
इसके लिए जिलों का सिलेक्शन कर निवेशकों को जानकारी देने के लिए कहा गया ताकि वे वहां की लोकेशन को समझकर औद्योगिक निवेश के लिए खुद को तैयार कर सकें। बैठक में एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देने के साथ जिन निवेशकों की ओर से फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रस्ताव शासन को इन्वेस्टर समिट में दिए हैं, उनके प्रपोजल पर फालोअप की जानकारी भी ली गई।