नई व्यवस्था लागू होने के बाद कॉलोनी में सड़क, नाली, सीवेज, पानी की लाइन और स्ट्रीट लाइट जैसे काम कितने हुए और कितने बाकी हैं, इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी। इससे रहवासियों को शिकायत लेकर निगम के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और बिल्डरों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।
ऑफलाइन प्रक्रिया होने के कारण जब लोग परेशान हो जाते थे, तब फाइल खुलती थी और फिर जमीनी हकीकत का पता चल पाता था। तब तक बिल्डर अधिकांश प्रॉपर्टी बेच चुके होते थे। ऑनलाइन सिस्टम तीन महीने में काम करने लगेगा।
फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहती है। बिल्डर कई बार वादा करके काम अधूरा छोड़ देते हैं। शिकायत पर सुनवाई नहीं होती।
क्या बदलेगा
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक होगी। रियल-टाइम मॉनिटरिंग। बिल्डर पर तय समय में काम पूरा करने का दबाव बढ़ेगा। निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
अभी ऐसे मिलती है अनुमति
निगम टीएंडसीपी से पास लेआउट पर विकास अनुमति जारी करता है। इसके तहत कॉलोनाइजर को सड़क, नाली, सीवेज लाइन, पार्क, स्ट्रीट लाइट और पानी की पाइपलाइन जैसे बुनियादी विकास कार्य करने होते हैं। जैसे-जैसे ये काम पूरे होते हैं, वैसे-वैसे निगम द्वारा बंधक रखे गए प्लॉट रिलीज किए जाते हैं। अंत में कंप्लीशन सर्टिफिकेट के समय शेष 15 प्रतिशत बंधक प्लॉट भी जारी किए जाते हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया से मॉनीटरिंग आसान होगी
विकास अनुमति की ऑनलाइन करने की प्रक्रिया के प्रयास कर रहे हैं। इससे विकास अनुमति लेने वालों की मॉनिटरिंग ऑनलाइन संभव हो सकेगी। इससे लोगों को निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अगले तीन महीने में यह काम करने लगेगा।
- संस्कृति जैन, कमिश्नर नगर निगम