विभाग के मुताबिक ये सिलेंडर घरेलू उपयोग के लिए होते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल दुकान में व्यावसायिक कार्य के लिए किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।
घरेलू गैस के दुरुपयोग पर कार्रवाई
खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि इलाके में घरेलू गैस का गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान में बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर रखे गए थे। इन सिलेंडरों का उपयोग खाना बनाने जैसे व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।
अनियमितता पाए जाने के बाद विभाग ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।='
बड़ी मात्रा में स्टॉक कर रखा था घरेलू सिलेंडर
अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सब्सिडी के तहत लोगों को सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन संबंधित व्यापारी इसका उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर रहा था। इसकी सूचना विभाग को मिली थी। जांच में यह भी सामने आया कि व्यापारी ने बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों का अवैध स्टॉक कर रखा था। टीम ने मौके पर दबिश देकर वैधानिक कार्रवाई की।
भाग लगातार कर रहा कार्रवाई
एक दिन पहले ही खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। ग्राम पंचायत रसमडा के बोरई इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर स्थित पापुशा गैसेस प्राइवेट लिमिटेड पर अचानक छापा मारा गया था। यहां कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के जरिए ‘गो गैस’ और ‘गैस प्वाइंट’ नाम से सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही थी।
यह सप्लाई डीलरों के माध्यम से सीधे ग्राहकों तक पहुंचाई जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अलग, समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।
जांच के दौरान टीम को मौके पर कुल 599 गैस सिलेंडर मिले। इसके अलावा गैस भरने के लिए 3 बड़े टैंक (बुलेट) भी पाए गए, जिनमें करीब 2841 किलोग्राम एलपीजी स्टोर था। विभाग ने सभी सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की।